- आदबी महफिल शायरी नाशिस्त और एजाजी मुशायरा इस शहर की पहचान बुरहानपुर (ईएमएस)।- दारूस सुरूर बुरहानपुर अदब के शहर के नाम से जाना जाता है यहां आदबी महफिल शायरी नाशिस्त और एजाजी मुशायरा इस शहर की पहचान है इसी कड़ी में ताबिश रामपुरी हुकुमचंद कोठारी असगर मुंबई के साथ शफकत हुसैन गौहर मलकापुर त्रिलोक माहिर खंडवा की एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आमद हुई तो इस मौके का गुलशन ए आदाब उर्दू लाइब्रेरी के जिम्मेदारों ने मौके का फायदा उठाकर एजाज़ी मुशायरा का आयोजन कर मेहमान शेयरों का एजाज भी किया गया तो सदारत हाजी मास्टर फजलुर रहमान साहब ने की उनकी सदारत में इस मुशायरा का आयोजन किया जिसकी निजामत बुरहानपुर के मशहूर शायर शऊर आशना ने अंजाम दिए इस एजाज़ी मुशायरा में जहां मेहमान शायरों ने अपने कलाम खूबसूरत अंदाज में पेश कर खूब दाद लूटी तो वही मेजबान शेयरों में जमील अजगर मुजाज़ आशना रहमान साकिब रियासत अली रियासत ताज मोहम्मद ताज कमर उद्दीन फलक आबिद कजल बाश आबिद नजर सलीम शहजादा के साथ ही इस एजाज़ी मुशायरे के कन्वीनर अहद अमजद और नईम ताज ने भी अपने खूबसूरत कलाम पेश कर मेहमान शायरों से खूब दादा हासिल की इन शायर हजरात के साथ मुशायरा में विशेष रूप से मेहमान बनकर आए हाजी वाजिद इकबाल मसूद मोहम्मद खान मुमताज हुसैन एडवोकेट हनीफ अंसारी हाजी अब्दुल बासित ने शिरकत फरमाकर पूरे समय मुशायरा में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर मेहमान शेयरों के साथ हम कलम होकर बुरहानपुर की अदबी रवायत को कायम रखा। अकील आजाद/ईएमएस/13/01/26