क्षेत्रीय
13-Jan-2026
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- निगम के पशु चिकित्सक डॉ. बेनी प्रसाद गौर निलंबित - जय मां भवानी संगठन ने सड़क पर उतरकर किया जोरदार प्रदर्शन - जिम्मेदार अधिकारियों सहित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवही की मांग - विपक्ष सहित भाजपा पार्षदो के भी निशाने पर आई महापौर - लैब, पशु चिकित्सालय और निगम व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल भोपाल(ईएमएस)। प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीते दिनो बीते दिनो निगम द्वारा तैयार कराये गये आधुनिक स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस में गोमांस की पुष्टि होने के बाद शहर सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर आने के बाद अब अपनी साख बचाने के लिये कार्यवाही के नाम पर लीपापोती करने में लगी है। नगर निगम के पशु चिकित्सक डॉ. बेनी प्रसाद गौर को गोमांस के संदिग्ध परिवहन मामले में लापरवाही के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई आयुक्त नगर निगम भोपाल के प्रस्ताव पर कार्यालय आयुक्त द्वारा की गई है। जानकारी के अनुसार, थाना जहांगीराबाद में गोमांस के संदिग्ध परिवहन को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। जब मामले की जांच की गई तो सामने आया कि प्रभारी पशु वध गृह के रूप में पदस्थ डॉ. बेनी प्रसाद गौर ने अपने दायित्वों का सही तरीके से पालन नहीं किया। डॉ. गौर को पशु वध गृह के प्रबंधन, पर्यवेक्षण और समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन वह इन जिम्मेदारियों को निभाने में असफल पाए गए। इसके चलते उन पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के उल्लंघन का आरोप लगा है। इन्हीं कारणों से डॉ. बेनी प्रसाद गौर को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत नियम-9 (1) के अंतर्गत निलंबित कर दिया गया है। निलंबन काल के दौरान डॉ. गौर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। - निगम परिषद की बैठक से सड़को तक मच रहा बवाल मांस से भरे ट्रक के पकड़े जाने के मामले को लेकर सियासी घमासान के साथ ही हिंदूवादी संगठनो का आक्रोश भी चरम पर पहुचं रहा है। जय मां भवानी संगठन ने घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। जय मां भवानी संगठन की पहल पर सैकड़ों लोगो ने अपना विरोध जताते हुए होटल पलाश से पैदल मार्च निकालते हुए सीएम हाउस के घेराव का प्रयास किया। संगठन पदाधिकारियो के अनुसार इस प्रदर्शन में भोपाल के आसपास के जिलों से भी लोग शामिल पहुचें थे। प्रदर्शनकारियो ने जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आक्रोशित लोग महापौर मालती राय की कार्यप्रणाली को लेकर भी खासे नाराज नजर आए। संगठन मुख्यमंत्री निवास तक रैली लेकर जाने की चेतावनी को देखते हुए पलाश होटल के आसपास के हिस्से में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जय मां भवानी संगठन के पदाधिकारियो ने साफ कहा की वह मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यवाही से भी खुश नहीं हैं। और यदि प्रशासन और सरकार ने 15 दिन के भीतर सख्य एक्शन नहीं लिया तो आगे एक बड़ा आंदोलन किया जायेगा। - आरोपी के घर चले बुलडोजर संबधित अफसरो के नाम एफआईआर में जोड़े जाये इसके साथ ही प्रदर्शन में मौजूद लोगो ने असलम चमड़ा पर एनएसए लगाने व बुलडोजर से घर गिरने की मांग भी की हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन भी मौके पर खड़े किए थे। संगठन ने सरकार से पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति बनाने की मांग करते हुए उस समिति में संगठन के दो सदस्यों को भी शामिल किये जाने की मांग की है। इसके साथ ही अधिकारी सीधे तौर पर लिप्त उन सभी विभागों के अधिकारियों की विभागीय जांच और उन्हें निलंबित कर एफआईआर में नाम जोड़े जाने की मांग भी की गई है। वहीं प्रकरण से संबंधित व्यक्तियों और उनकी कंपनियों को नगर निगम द्वारा दिए गए सभी टेंडर निरस्त किए जाएं और भविष्य के लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही जिन लोगों पर गौहत्या के दो या उससे अधिक मामले दर्ज हैं, उन पर समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और पूरे प्रदेश में रासुका लगाने की मांग की गई है। - सैंपल की जॉच में देरी होने पर जताई नाराजगी संगठन का आरोप है कि मांस की जांच के लिए नमूने मथुरा भेजे जाने के कारण रिपोर्ट में करीब 20 दिन की देरी हुई। इस वजह से भोपाल में ही आधुनिक जांच लैब स्थापित करने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में जांच रिपोर्ट समय पर मिल सके। - परिषद बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने वॉकआउट भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में गोमांस के मुद्दे पर कांग्रेस पार्षदों ने वॉकआउट कर दिया। भोजन अवकाश के बाद दोबारा शुरू हुई बैठक में कांग्रेस ने विरोध जताते हुए सदन से बाहर निकलने का फैसला किया। इससे पहले मंगलवार को नगर निगम परिषद की बैठक में स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षद पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे और महापौर व एमआईसी (मेयर इन काउंसिल) के इस्तीफे की मांग की। वहीं, बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने जैकेट पर कागज चस्पा कर गोमांस के विरोध का प्रदर्शन किया। बैठक के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ पार्षद सुरेंद्र बाठिका और पप्पू विलास घाड़गे समेत कई पार्षदों ने भी इस मामले पर आपत्ति जताई। हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षदो ने नारेबाजी करते हुए महापौर मालती राय से इस्तीफा मांगा। - स्लॉटर हाउस के संचालन की कोई आवश्यकता नहीं-निगम अध्यक्ष भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि स्लॉटर हाउस के संचालन की कोई आवश्यकता नहीं है। हम भोपाल को मांस की मंडी नहीं बनने देंगे। इसी कारण स्लॉटर हाउस को स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश आयुक्त को दिए गए हैं। इसके साथ ही वर्तमान मामले में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। - राज्य सरकार अपना काम कर रही है- पंडित प्रदीप मिश्रा गौमांस के से मामले को लेकर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का बयान सामने आया है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि यदि ऐसी कोई घटना सामने आई है या इसकी पुष्टि होती है, तो यह गलत है। उन्होनें आगे कहा की राज्य सरकार अपना काम कर रही है और यदि कहीं भी कोई गलत काम हुआ है, तो उस पर कार्रवाई होना तय है। जुनेद / 13 जनवरी