- करैरा में ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर विवाद - नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप करैरा में एक भाई कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्ष, दूसरा भाजपा में, कार्यकर्ताओं के गंभीर आरोप - विवाद के बीच पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा शिवपुरी (ईएमएस)। शिवपुरी जिले के कांग्रेस संगठन गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। करैरा ब्लॉक में कार्यकारिणी गठन को लेकर विवाद के बीच एक अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया। करैरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल के खिलाफ न केवल जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए काले झंडे दिखाए बल्कि मोहित अग्रवाल मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इस घटनाक्रम से करैरा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जिलाध्यक्ष पर आरोप भाजपा के एजेंटों को ब्लॉक अध्यक्ष बनाया- दरअसल कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में करैरा एसडीएम को इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और शिवपुरी जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे लेकिन इससे पहले ही स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा और पूरा कार्यक्रम विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष पर संगठन को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि जिलाध्यक्ष ने भाजपा के एजेंटों को ब्लॉक अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठा दिया है और वर्षों से पार्टी के लिए संघर्ष कर रहे कार्यकर्ताओं को कोई पद नहीं दिया है। पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा- नाराज कार्यकर्ताओं ने खुलकर कहा कि एक भाई कांग्रेस का ब्लॉक अध्यक्ष बनकर बैठा है और दूसरा भाई भाजपा के लिए काम कर रहा है। जिससे पार्टी की साख को नुकसान पहुंच रहा है। विरोध इतना उग्र हो गया कि मौके पर पुलिस ने मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को यहां से निकाला। इस पूरे घटनाक्रम पर जिलाध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। कार्यकर्ताओं में आक्रोश- कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक संगठन में सुधार नहीं होगा और कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलेगा तब तक विरोध जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष लोधी युवा संघ शिवपुरी आजाद लोधी भी शामिल थे। उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल पर लोधी समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया। आजाद लोधी ने कहा कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारा लोधी समाज के किसी भी व्यक्ति को संगठन में कोई पद नहीं दिया गया है और जो पहले ब्लॉक अध्यक्ष जैसे पदों पर मौजूद थे उन्हें भी हटा दिया गया। जिससे समाज में भारी आक्रोश है। अंदरूनी कलह सड़कों पर- शिवपुरी जिले में यह पहली बार है जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से काले झंडे दिखाए और मुर्दाबाद के नारे लगाए। यह घटना कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी, असंतोष और संगठनात्मक कमजोरी को उजागर करती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस के प्रदेश और केन्द्रीय नेतृत्व ने समय रहते इस गंभीर विवाद को नहीं सुलझाया तो इसका सीधा असर आगामी चुनाव में पार्टी की स्थिति पर पड़ सकता है। करैरा में हुआ यह घटनाक्रम कांग्रेस संगठन के लिए एक बड़ा चेतावनी का संकेत माना जा रहा है। रंजीत गुप्ता/ईएमएस/13/01/2026