राज्य
13-Jan-2026
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:: बंगाली चौराहा पर लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में उमड़ा आस्था का सैलाब, आज पूर्णाहुति पर 35 संत देंगे आशीर्वाद :: इन्दौर (ईएमएस)। बंगाली चौराहा स्थित विशाल मैदान पर आयोजित विराट लक्ष्मीनारायण महायज्ञ मंगलवार को उस समय सामाजिक चेतना का मंच बन गया, जब यज्ञ कुंडों की प्रज्ज्वलित अग्नि और देवताओं की साक्षी में हजारों श्रद्धालुओं ने धर्मरक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। यजमान युगलों सहित उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे अपने बच्चों को लव जिहाद जैसी बढ़ती दुष्प्रवृत्तियों के प्रति न केवल सजग करेंगे, बल्कि धर्म युद्ध में समर्पित योद्धाओं के परिवारों की हरसंभव मदद भी करेंगे। पंचमुखी धाम आगरोद के अधिष्ठाता महंत कृष्णगोपाल दास महाराज के सानिध्य में आयोजित इस महायज्ञ में भक्ति और वैचारिक क्रांति का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन समिति के देवव्रत पाटीदार एवं अलकेश सुलिया के अनुसार, काशी के यज्ञाचार्य पं. पुष्कर पांडे के निर्देशन में 15 लाख आहुतियों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक श्रीसूक्त एवं पुरुषसूक्त से 13 लाख आहुतियां दी जा चुकी हैं। महायज्ञ में मंगलवार को देश के प्रतिष्ठित अखाड़ों और पीठों के संतों का जमावड़ा रहा। महामंडलेश्वर स्वामी रामदास महाराज (बुरहानपुर), स्वामी रामगोपाल दास (पंचकुईया), स्वामी प्रणवानंद सरस्वती (वृंदावन), महंत गोविंददास (अयोध्या) और महंत सुखराम दास सहित करीब 35 संतों ने महाआरती के पश्चात धर्मसभा को संबोधित किया। संतों ने सनातन मूल्यों की रक्षा और युवा पीढ़ी के संस्कारवान होने पर विशेष बल दिया। :: परिक्रमा में उमड़ा आस्था का सैलाब :: महायज्ञ शाला की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। मंगलवार को करीब 15 हजार भक्तों ने परिक्रमा की, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था। पिछले छह दिनों में अब तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु यहाँ परिक्रमा कर चुके हैं। बुधवार को समापन अवसर पर यह संख्या 40 हजार के पार पहुंचने का अनुमान है। :: मकर संक्रांति पर ‘खिचड़ी’ महाप्रसाद :: बुधवार को समापन के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन होगा। मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए 20 क्विंटल दाल-चावल से खिचड़ी तैयार की जा रही है। इसके साथ ही 20 क्विंटल आटे की पूड़ियां, 25 क्विंटल रामभाजी और मिठाई का महाप्रसाद बनेगा। शाम 5 बजे से करीब 40 हजार भक्तों के भोजन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। :: आज होगा समापन :: बुधवार को दोपहर में महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। हवन और विशेष पूजन के साथ इस सात दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान का विधिवत समापन किया जाएगा। प्रकाश/13 जनवरी 2025