लेख
14-Jan-2026
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राजकोट के मारवाड़ी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कच्छ सौराष्ट्र वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस केवल एक औद्योगिक कार्यक्रम नहीं था बल्कि यह भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर का सशक्त मंच बन गया। इस मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस आत्मविश्वास के साथ देश की प्रगति का खाका खींचा उसने स्पष्ट कर दिया कि भारत अब संभावनाओं का देश नहीं बल्कि उपलब्धियों का देश बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और यह यात्रा अब दूर नहीं है। आज भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। कुछ वर्ष पहले तक भारत ग्यारहवें स्थान पर था लेकिन बीते एक दशक में सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किए गए संरचनात्मक सुधारों ने देश को तेजी से आगे बढ़ाया। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आकलन के अनुसार भारत वर्ष दो हजार सत्ताइस तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। यह लक्ष्य किसी अनुमान भर का परिणाम नहीं है बल्कि ठोस आर्थिक संकेतकों और निरंतर विकास दर का नतीजा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। कृषि उत्पादन में भारत नए कीर्तिमान बना रहा है। दूध उत्पादन में भारत पहले स्थान पर है। जेनरिक दवाओं के उत्पादन में भी भारत विश्व में अग्रणी है। वैक्सीन निर्माण में भारत की भूमिका पूरी दुनिया ने देखी है। महामारी के कठिन दौर में भारत ने न केवल अपने नागरिकों की रक्षा की बल्कि अनेक देशों को जीवन रक्षक टीके उपलब्ध कराए। यह आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी पहचान है। डिजिटल क्रांति ने भारत की आर्थिक संरचना को पूरी तरह बदल दिया है। आज भारत विश्व का सबसे बड़ा रियल टाइम डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूपीआई संचालित करता है। करोड़ों लेनदेन प्रतिदिन हो रहे हैं। मोबाइल डेटा उपभोग में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। कभी ऐसा समय था जब देश में उपयोग होने वाले अधिकतर मोबाइल फोन आयात किए जाते थे। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। यह बदलाव सरकार की मेक इन इंडिया नीति और उद्योग अनुकूल वातावरण का परिणाम है। स्टार्टअप संस्कृति ने भारत के युवाओं को नई दिशा दी है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर युवा नवाचार के माध्यम से वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक भी है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। सोलर पावर उत्पादन में भारत दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो गया है। एविएशन सेक्टर में भारत तेजी से विस्तार कर रहा है। हवाई अड्डों की संख्या बढ़ी है और घरेलू हवाई यात्रा आम नागरिक की पहुंच में आई है। मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार ने शहरी भारत की तस्वीर बदल दी है। आज देश के अनेक शहर आधुनिक सार्वजनिक परिवहन से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का विकास रिफॉर्म परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र की सफलता की कहानी है। बीते ग्यारह वर्षों में सरकार ने नीतिगत सुधारों पर जोर दिया। टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया गया। इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश हुआ। सड़कों रेलवे बंदरगाहों और डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार हुआ। इन सबका सीधा असर आर्थिक विकास पर पड़ा। वैश्विक स्तर पर जब अनिश्चितता का माहौल है तब भारत में एक अभूतपूर्व निश्चितता का दौर चल रहा है। दुनिया के कई देश आर्थिक मंदी और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं लेकिन भारत में स्थिर सरकार और नीतियों में निरंतरता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत को वैश्विक विकास का इंजन बताया है। रेटिंग एजेंसियों ने भारत की आर्थिक विश्वसनीयता की सराहना की है। यह भरोसा इसलिए है क्योंकि भारत ने कठिन फैसले लेने की क्षमता दिखाई है। इस सम्मेलन में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और नए भू राजनीतिक संकट सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भारत की अजेय सुरक्षा दीवार बताया। अंबानी ने कहा कि भारत के पास नरेंद्र भाई मोदी जैसा नेतृत्व है जो देश को हर चुनौती से सुरक्षित रखता है। अंबानी ने यह भी कहा कि आज भारत में राजनीतिक स्थिरता है और नीतियों में स्पष्टता है। इससे उद्योग जगत को भरोसा मिलता है। नया मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है जिसकी क्रय शक्ति में वृद्धि हो रही है। यही कारण है कि भारत निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। घरेलू और विदेशी निवेशक भारत की संभावनाओं पर भरोसा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आने वाले दशकों के विजन का उल्लेख करते हुए अंबानी ने कहा कि दुनिया को यह समझ लेना चाहिए कि यह भारत का दशक है। भारत केवल भविष्य की तैयारी नहीं कर रहा बल्कि भविष्य का निर्माण कर रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल टेक्नोलॉजी हरित ऊर्जा और मानव संसाधन विकास पर एक साथ काम हो रहा है। यह समग्र दृष्टिकोण भारत को दीर्घकालीन मजबूती प्रदान कर रहा है। तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा में सरकार की भूमिका निर्णायक रही है। वित्तीय समावेशन के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पारदर्शिता बढ़ी। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण हुआ। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचा। इससे खपत बढ़ी और अर्थव्यवस्था को गति मिली। आज भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यदि यही गति बनी रही तो वर्ष दो हजार सत्ताइस तक भारत तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। यह उपलब्धि किसी एक क्षेत्र की वजह से नहीं बल्कि कृषि उद्योग सेवा तकनीक और नवाचार सभी के संयुक्त प्रयास से संभव होगी। सरकार की नीतियां और प्रधानमंत्री मोदी का निर्णायक नेतृत्व इस यात्रा का मुख्य आधार हैं। राजकोट की धरती से दिया गया यह संदेश केवल गुजरात के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है। यह बताता है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो और नीयत मजबूत हो तो देश असंभव को भी संभव बना सकता है। भारत आज जिस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है वह आने वाले वर्षों में उसे वैश्विक मंच पर और मजबूत बनाएगा। यह सच है कि भारत का यह उत्थान सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के कारण ही संभव हुआ है। (वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार-स्तम्भकार) (यह लेखक के व्य‎‎‎क्तिगत ‎विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अ‎निवार्य नहीं है) .../ 14 जनवरी /2026