हाथ पाँव में दम नहीं, हम किसी से कम नहीं, दिमाग में नहीं धार, करने चले पलटवार। घात- प्रति घात, उत्तर- प्रति उत्तर, वार पर वार -खींच कर पलटवार, काहे की दोस्ती काहे का यार। हमारा हाजमा बहुत कमज़ोर हो गया- हमें खाना तो हजम हो जाता है किसी की बात हज़म नहीं होती, छोटी सी बात, बड़ी लगती है। हमें कोई कुछ सुनाकर चला जाये ये कदापि संभव नहीं। हमारी जान पहिचान वाले जानते हैं, हम किसी का उधार नहीं रखते, 9 नगद न 13 उधार, 3 में न 13 में मृदंग बजाये डेरा में। पूरी दुनिया में चल रहा इस समय वार- जिनकी टूट गई कमर, वे भी कह रहे, हम करेंगे पूरी ताकत से पलटवार। अमेरिका- ईरान पाकिस्तान - अफ़ग़ानिस् तान, रूस- यूक्रेन तो चार साल से वार पलटवार कर रहे हैं। पलटवार, आरोप, प्रत्यारोप , हमारे देश में भी हर स्तर पर चालू है। कैसे भी हो खुद को हरिश्चंद्र और दूसरे को नट वर लाल बताना, खुद को संत दूसरे को उठाई गीर बतलाना। कोई अनुभव नहीं, कोई योग्यता नहीं,फिर भी वार पर वार, बचाव में पलटवार। सभी न्यूज़ चैनल दिन भर में बीसों बार वार, पलटवार की सन सनी खेज समाचार सुना रहे। मोदी जी ने राहुल पर भयानक वार किया, राहुल ने मोदी पर जबरदस्त पलटवार किया उन्हें और कोई काम नहीं, दिन भर यही खेला हो रहा। हमारे इधर छोटे छोटे से लेकर बड़े बड़े नेता धजी का सांप बनाने में सिद्ध हस्त हैं। किसी एक की दूसरे से हल्की कहा सुनी, विवाद क्या हुआ, उसे पूरे समाज के अपमान से जोड़ दिया जाता है सामाजिक वैमनष्यता का रंग दे दिया जाता है। देश का संविधान धर्म निरपेक्षता की बात करता है किंतु यहाँ धर्म की आड़ में झाड़ लगाया जाता है। वोट की खातिर, जातियों को आपस में लडाया जाता है। ऊंच नीच का भेद पैदा किया जाता है, यू जी सी जैसा कानून बनाया जाता है, माँ की गाली को हथियार बनाया जाता है । हमारे देश में गालियाँ उप लोक भाषा के रूप में प्रचलित हैं। बिना गाली के वाक्य पूरा नहीं होता, शहरों में अंग्रेजी पीकर, अंग्रेजी में तो गाँव, देहात में हिंदी में गाली आम है। कई ऐसे भी हैं जिनका बिना गाली बके पेट साफ नहीं होता महिला सांसद माननीय के साथ अशोभनीय हरकत कर देंगी, ऐसी सूचना पाकर पलटवार के रूप में पलटी मार जाते हैं, सदन से गैर हाजिर हो जाते हैं। पलट वार और पल्टीमार में भ्रमित होने की जरूरत नहीं, जब खाली जाता है, पलट वार, तब नेता बन जाता है, पलटी मार । बिहार के पलटू बाबू, पलटी मारने में माहिर हैं। बंदर कितना बूढ़ा हो जाये, पलटी मारना नहीं भूलता किंतु इस बार दिल्ली के मदारी ने ऐसा पलट वार किया कि पलटू राम की हालत:- उगलत लीलत पीर घनेरी, भई गति सांप छछून्दर केरी. राज्य सभा में अधिकतम सदस्य संख्या 250 है, बिहार से 16 राज्य सभा सदस्य हैं , जबकि राज्य में मुख्य मंत्री एक है, कौन मुख्य मंत्री पद स्वेच्छा से छोड़ता है? वर्तमान में देश में एपीसीटिनँ फाइल तो नहीं खुली, हाँ नीतिश के बेटे निशांत की फाइल अवश्य खुल गई - जन्म कुंडली बन गई, साढ़े साती लग गये। बेटा के सनीचर बाप को लग गये। बेटा बनेगा कि नहीं मंत्री - ये बताएगी दिल्ली वाले तेरी जंत्री। अब शिव सेना/ एन सी पी की भाँति जद यू का भी होगा काम तमाम, सिमट जायेगा ताम झाम। अब पलटू चाचा पलट वार के लायक भी न रहे। पलट वार की कोई सीमा नहीं, मर्यादा नहीं, शब्द/भाषा/व्यवहार/शालीनता, बड़ों का मान सम्मान सब पलट वार में धूल धूसरित। पलट वार करने वाले पलटी मार रहे हैं। मुगल और अंग्रेज बहुत बड़ी सेना लेकर भारत नहीं आये थे वे जानते थे कि पलट वार , करने वाले पलटी मार , लालची गद्दार उन्हें मिल जायेंगे। राजनीतिक दलों ने पलट वार के लिए प्रवक्ता नियुक्त कर रखे हैं, ve प्रवक्ता जो थूंक कर चाटने में प्रवीण, अपनी कही बात मक्कारी से मुकर जाएं वे हाई कमान के विशेष कृपा पात्र होते हैं। जान पहचान वाले उन्हें चमचा कहते हैं। ये, पलट वार को पॉवर फुल बनाने, चैनल की टी आर पी बढ़ाने, बहस के दौरान हंगामा करने, चीखने, चिलल्लाने, गाली बकने, कुर्ता फाड़ने की कलाओं में कलाकार हैं। सन सनी और मन गढंत, चटखारे वाले बयान, चैनल की जरूरत अनुसार परोसते हैं। इन्हें अपने पद और प्रतिष्टा की चिंता नहीं। इनको देख कर लोग गाने लगते हैं :- बच के रहना इस दुनिया में कमी नहीं गद्दारों की, पीठ पीछे छुरी चलाने वाले इन मक्कारों की. ईएमएस / 19 मार्च 29