अंतर्राष्ट्रीय
14-Jan-2026
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लंदन (ईएमएस)। वैज्ञानिकों को यहां हवाई द्वीपों में समुद्र के नीचे ऐसा रहस्यमय नज़ारा देखने को मिला, जिसने न सिर्फ शोधकर्ताओं को हैरान कर दिया, बल्कि आम लोगों की कल्पना को भी नई उड़ान दे दी। समुद्र की तलहटी में एक पथरीली संरचना दिखाई दी, जो देखने में किसी सड़क जैसी लग रही थी, और जिसे लोग ‘येलो ब्रिक रोड’ कहने लगे। यह चौंकाने वाली खोज साल 2022 में सामने आई, जब वैज्ञानिक हवाई द्वीपों के उत्तर में स्थित एक गहरे समुद्री इलाके का अध्ययन कर रहे थे। यह इलाका समुद्र की सतह से करीब 3,000 मीटर से भी ज्यादा गहराई में मौजूद है। जब शोधकर्ताओं ने पानी के नीचे कैमरों की मदद से वहां की तस्वीरें देखीं, तो उन्हें एक ऐसी संरचना नजर आई, जो बिल्कुल पीली ईंटों से बनी सड़क जैसी दिख रही थी। यही वजह रही कि लोगों ने इसकी तुलना मशहूर परीकथा ‘विज़ार्ड ऑफ़ ओज़’ की येलो ब्रिक रोड से कर दी। यह खोज ओसन एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के रिसर्च पोत ई/वी न्यूटिलस के जरिए की गई थी। वैज्ञानिकों की टीम उस वक्त पीएमएनएम क्षेत्र में स्थित लिलि ओकालानी रिज्ड का सर्वे कर रही थी। यह इलाका दुनिया के सबसे बड़े समुद्री संरक्षण क्षेत्रों में से एक माना जाता है और हैरानी की बात यह है कि इसके समुद्री तल का अब तक सिर्फ लगभग 3 प्रतिशत हिस्सा ही खोजा जा सका है। यानी समुद्र के नीचे अभी भी एक विशाल दुनिया है, जो इंसानी आंखों से लगभग अनदेखी है। जब रिमोट-नियंत्रित डीप-सी वाहन के जरिए इस इलाके की लाइव फुटेज सामने आई, तो वैज्ञानिक खुद अपनी आंखों पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे। अप्रैल 2022 में यूट्यूब पर जारी किए गए वीडियो में शोधकर्ताओं की हैरानी साफ सुनाई देती है। कोई इसे अटलांटिस की सड़क बता रहा था, तो कोई मजाक में पूछ रहा था कि क्या यह वही मशहूर येलो ब्रिक रोड है। बाद में वैज्ञानिकों ने इस रहस्यमय ‘सड़क’ की गहराई से जांच की। यह संरचना नोटका सिमाउंट के शिखर पर पाई गई थी। समुद्र के नीचे होने के बावजूद यह इलाका अजीब तरह से सूखा दिखाई दे रहा था, मानो किसी प्राचीन झील का तल हो। वैज्ञानिक विश्लेषण में सामने आया कि यह कोई इंसानों द्वारा बनाई गई सड़क नहीं, बल्कि हायलोक्लास्टाइट नाम की ज्वालामुखीय चट्टान है। यह चट्टान तब बनती है, जब ज्वालामुखी के विस्फोट के दौरान बेहद गर्म लावा समुद्र के ठंडे पानी के संपर्क में आता है और टूटकर जम जाता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस चट्टान की सतह ऐसी लग रही थी जैसे किसी पकी हुई परत को ऊपर से छील दिया गया हो। सुदामा/ईएमएस 14 जनवरी 2026