क्षेत्रीय
14-Jan-2026
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- 13 दिनों में लिमिट टोकन के अनुसार होगी खरीदी-जवाली सेवा सहकारी समिति कोरबा (ईएमएस) धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश में शासन की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी कार्य पूरे जोर-शोर से जारी है। इसी क्रम में कोरबा जिले की जवाली सेवा सहकारी समिति (कोड 3054) एवं रंजना उपार्जन उप केंद्र में शासन के नियमानुसार समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जा रहा है। इस वर्ष किसानों से 2369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से टोकन प्रणाली के माध्यम से धान खरीदी की जा रही है। धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित है, जिसमें अब मात्र 13 दिन शेष हैं। अब तक कुल 40 दिनों में इस उपार्जन केंद्र पर लगभग 62 प्रतिशत धान खरीदी कार्य संपन्न हो चुका है। शेष दिनों में धान खरीदी लिमिट टोकन के अनुसार की जाएगी, जिससे शेष किसानों को दोबारा टोकन कटवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जवाली समिति में वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 1350 क्विंटल धान खरीदी का कार्य किया जा रहा है। इस गति को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष धान उपार्जन की कुल मात्रा पिछले वर्ष के बराबर अथवा उससे अधिक हो सकती है। अब तक 40 दिनों की अवधि में से 32 दिवस वास्तविक खरीदी की गई है, जिसमें कुल 26,410.40 क्विंटल धान, 66,026 बोरा, तथा 550 किसानों द्वारा धान विक्रय किया जा चुका है। इस उपार्जन केंद्र की एक विशेष बात यह रही कि 37 किसानों द्वारा दो से तीन बार धान विक्रय किया गया। टोकन प्रणाली में भी किसानों की जागरूकता देखने को मिली है, जहाँ 375 किसानों (64%) ने स्वयं मोबाइल टोकन काटकर धान बेचा, जबकि 213 किसानों (36%) ने समिति के माध्यम से टोकन कटवाया। रकबा समर्पण की स्थिति में 321 कृषकों द्वारा 73.970 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है, जो कुल का 61.02 प्रतिशत है। गुणवत्ता नियंत्रण के तहत प्रतिदिन 20 प्रतिशत किसानों के अमानक व खराब धान की जांच कर पंचनामा बनाया जा रहा है। अब तक 107 किसानों के 360 बोरा (144 क्विंटल) अमानक धान को वापस किया जा चुका है। यह समस्त कार्य नोडल अधिकारी के कुशल मार्गदर्शन में फड़ प्रभारी एवं प्रबंधक द्वारा किया जा रहा है। ऑनलाइन मोबाइल टोकन व्यवस्था बंद होने के बाद अब किसान पुनः समिति में भौतिक रूप से पहुंच रहे हैं। भौतिक सत्यापन के उपरांत आगामी दिनों के लिए जवाली समिति में लगभग 50 कृषकों के 1000 क्विंटल एवं रंजना उप केंद्र में 35 कृषकों के लगभग 1250 क्विंटल धान हेतु टोकन काटे जाने की प्रक्रिया लंबित है। किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि धान खरीदी की तिथि 31 जनवरी के बाद नहीं बढ़ाई जाएगी। इस वर्ष शासन के निर्देशों के अनुसार धान खरीदी में नियम अपेक्षाकृत अधिक सख्त किए गए हैं। इसके कारण कई कृषक एग्रीस्टेट पंजीयन, वारिसान पंजीयन, DCS फसल गिरदावरी एवं रकबा कम होने जैसी तकनीकी समस्याओं से प्रभावित हुए, जिनका समय पर निराकरण नहीं हो सका। मजबूरीवश कई किसानों को कम रकबे का टोकन कटवाकर धान विक्रय करना पड़ा। आगामी दिनों की स्थिति पर नजर डालें तो जवाली समिति में 55 किसान (लगभग 1100 क्विंटल) तथा रंजना उप केंद्र में 35 किसान (लगभग 1250 क्विंटल) धान हेतु टोकन कटवाने के इंतजार में हैं। अब तक खरीदी में 65.17 प्रतिशत किसानों से लिंकिंग राशि की वसूली की जा चुकी है। कुल 550 किसानों द्वारा धान विक्रय किया गया है, जिनमें 56 किसानों के टोकन का भौतिक सत्यापन संबंधित समिति के पटवारियों द्वारा किया गया है। ऋण वसूली की स्थिति को लेकर समिति द्वारा शेष दिनों में ऋणी किसानों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क किया जाएगा, ताकि निर्धारित समय सीमा में संपूर्ण वसूली सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि रंजना उपार्जन उप केंद्र पर मिलर्स द्वारा धान उठाव हेतु ट्रकों की व्यवस्था की गई है, वहीं जवाली समिति में प्रतिदिन सुबह 10 बजे गेट खोलकर सुव्यवस्थित तरीके से धान खरीदी की जा रही है। 14 जनवरी / मित्तल