क्षेत्रीय
14-Jan-2026
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- फुटहड़वा पंचायत में फर्जी समग्र आईडी से लाखों का घोटाला सिंगरौली/चितरंगी।(ई एम एस )जनपद पंचायत चितरंगी अंतर्गत ग्राम पंचायत फुटहड़वा में समग्र आईडी, पेंशन, अनुग्रह सहायता और खाद्यान्न वितरण को लेकर व्यापक फर्जीवाड़ा, दस्तावेजी हेराफेरी और शासकीय धन की खुली लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता फुलकेसा विश्वकर्मा द्वारा प्रस्तुत प्रमाणों से यह आरोप पुष्ट होते हैं कि सरपंच के स्थान पर पावर ऑफ अटॉर्नी से पंचायत चलाने वाले राजेंद्र सिंह चंदेल, सचिव, पीसीओ और अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से एक ही व्यक्ति की दो-तीन फर्जी समग्र आईडी, मृतकों को जीवित और जीवितों को मृत दर्शाकर लाखों रुपये की अनुग्रह सहायता आहरित की गई। आत्महत्या के मामले में भी *नियमों की धज्जियां* भुइघरवा निवासी भगत साकेत (उम्र 42) की फांसी लगाकर आत्महत्या के बाद समग्र आईडी 46762300 के नाम पर ₹2,00,000 अनुग्रह सहायता दिलाई गई, लेकिन राशि भगवानदास कोल के बैंक खाते (मध्यांचल बैंक, चितरंगी) में भेजी गई। आवेदक के रूप में गुड़िया साकेत का नाम दर्शाया गया, जो कथित तौर पर न तो वैध वारिस हैं और न ही पात्र। आरोप है कि *सरपंच-सचिव-पीसीओ की मिलीभगत से यह राशि आहरित कर मोटी रकम स्वयं उपभोग की गई* 80 वर्षीय बुजुर्ग को 59 वर्ष का दिखाकर खेल ग्राम फुटहड़वा के किमलजी विश्वकर्मा (वास्तविक आयु लगभग 80 वर्ष) की समग्र आईडी 45762385 में उम्र 59 वर्ष दर्ज कर दी गई, वहीं उनके पुत्र रामपति विश्वकर्मा की उम्र 38 वर्ष दर्शाई गई। आरोप है कि मृत व्यक्ति की आईडी को जोड़-तोड़कर जीवित दिखाया गया, बैंक खातों में अनुग्रह सहायता डलवाई गई और राशि आहरित कर बंदरबांट हुआ। मृत महिला की फर्जी आईडी, खाता किसी और का रामदेइया देवी की समग्र आईडी 40264249 बनाकर बाद में डिलीट कर दी गई। अनुग्रह राशि शोभनाथ लोहार के खाते (मध्यांचल बैंक, चितरंगी) में भेजकर आहरित की गई। जबकि शोभनाथ के घर की इसी नाम की महिला की 20 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी थी। यह सीधा-सीधा मृतक के नाम पर सरकारी धन की लूट का मामला है। पेंशन सही, पर अनुग्रह में गड़बड़ी मनींजर वैश्य (समग्र आईडी 29397887, उम्र 67) को पेंशन मिलना सही बताया गया है, लेकिन उनके पिता हंसताल वैश्य की उम्र आईडी में पुत्र से कम दर्शाकर अनुग्रह सहायता दिलाने और खाते में अतिरिक्त राशि डालने का आरोप है। *महिला समूह, मध्यान्ह भोजन और राशन में भी बंदरबांट* शिकायत में यह भी आरोप है कि पावर ऑफ अटॉर्नी सरपंच राजेंद्र सिंह चंदेल द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों के कार्य छीने गए, जिससे विद्यालय/*आंगनबाड़ी के बच्चे मध्यान्ह भोजन व पोषण आहार से वंचित हो रहे हैं* फर्जी आईडी बनाकर कूपन में सदस्य संख्या बढ़ाई गई, और कोटेदार (पुत्र विक्रम सिंह चंदेल) के माध्यम से सैकड़ों क्विंटल खाद्यान्न प्रतिमाह का गबन किया गया। घटिया निर्माण कार्य और आय से अधिक संपत्ति के आरोप भी लगाए गए हैं। *एक ही व्यक्ति की कई-कई आईडी, मृतकों के नाम पर सहायता* आरोप है कि एक ही व्यक्ति की 2-3 फर्जी समग्र आईडी बनाकर उम्र घटाई-बढ़ाई गई, 2 से 10 वर्ष पूर्व मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाया गया, माता-पिता की उम्र कम कर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए गए और पुत्रों को अनुग्रह सहायता दिलाई गई—यह सब नियमों के विरुद्ध और अनैतिक है। *जांच-वसूली और दंडात्मक कार्रवाई की मांग* शिकायतकर्ता ने संयुक्त विभागीय/अनुविभागीय जांच, समस्त राशि की वसूली, और जिम्मेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। सवाल यह है कि जनपद और जिला स्तर पर निगरानी तंत्र आखिर क्या कर रहा था? अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस दस्तावेजी घोटाले पर तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर पंचायत तंत्र की यह लूट यूं ही चलती रहेगी? *जब पुरे मामले मै जनपद सीईओ* मान सिंह सैयम से उक्त मामले जानकारी चाहिए गई तों उन्होंने कहा की मै 14जन 2026 तक छुट्टी पर हूँ आने क़े बाद हीं कुछ कह पाउँगा* आर एन पाण्डेय सिंगरौली की रिपोर्ट