क्षेत्रीय
14-Jan-2026
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- भूमि विवादों पर तत्काल विशेष काउंटर खोलने की मांग - जिले में जहरीले खाद्य पदार्थ का सेवन करने की दो घटनाओं ने उजागर किया सिस्टम की संवेदनहीनता कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले में लगातार दूसरी बार किसान द्वारा जहरीले खाद्य पदार्थ का सेवन करना न केवल अत्यंत दुर्भाग्यजनक है, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता और भूमि संबंधी अव्यवस्थाओं का गंभीर परिणाम भी है। किसानों की इस दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3100 रुपये करने जैसा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। लेकिन नीतियों का लाभ जमीन पर नहीं उतर पा रहा, क्योंकि निचले स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही किसानों की परेशानियों को और बढ़ा रही है। परिणामस्वरूप किसान मानसिक दबाव में आकर आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। * आदिवासी बहुल जिले में भूमि विवादों का अंबार सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि आदिवासी बहुल कोरबा जिले में नामांतरण, बंटवारा और रिकॉर्ड दुरुस्ती से जुड़े सैकड़ों मामले वर्षों से तहसील न्यायालयों में लंबित हैं। न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र, बल्कि शहरी इलाकों में भी आम नागरिक अपने ही जमीन से जुड़े विवादों में उलझकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। धान खरीदी के इस महत्वपूर्ण मौसम में रकबा कम होने जैसी गंभीर त्रुटियों के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। * हर तहसील में सुविधा केंद्र खोलने की मांग नगर निगम सभापति ने जिला कलेक्टर कोरबा से मांग करी है कि सभी तहसीलों में भूमि विवाद निपटारे के लिए विशेष सुविधा केंद्र (स्पेशल काउंटर) तत्काल शुरू किए जाएं। नामांतरण, रिकॉर्ड दुरुस्ती और बंटवारे के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक जमीन से जुड़े मामलों का समाधान नहीं होगा, तब तक किसान लगातार मानसिक और आर्थिक संकट में घिरा रहेगा। * जहरीले खाद्य पदार्थ का सेवन करने घटित घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग नूतनसिंह ठाकुर ने कोरबा में जहरीले खाद्य पदार्थ का सेवन कर जान देने की कोशिश के दोनों मामलों की जिला कलेक्टर स्तर से निष्पक्ष जांच कराने मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई किसान इस तरह का कदम उठाने को मजबूर न हो। * किसानों की पीड़ा को नजरअंदाज करना अब बर्दाश्त नहीं सभापति नगर पालिक निगम कोरबा नूतनसिंह ठाकुर ने कहा कि किसान अन्नदाता है और उसकी समस्याओं को अनदेखा करना नैतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर अपराध है। अब समय आ गया है कि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाए और जमीन से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान कर किसानों को राहत पहुंचाए। 14 जनवरी / मित्तल