14-Jan-2026
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11,040 हेक्टेयर भूमि को मिलेगी सिंचाई, 10,400 किसान परिवार होंगे लाभान्वित सारंगपुर (ईएमएस)। सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के किसानों के हित में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मोहनपुरा डेम सिंचाई परियोजना के विस्तारीकरण के तहत सारंगपुर तहसील के 26 गांवों को परियोजना से जोड़ने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के लागू होने से वर्षों से सिंचाई सुविधा से वंचित रहे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। 396.21 करोड़ की लागत, आधुनिक तकनीक से सिंचाई राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत इस विस्तारीकरण परियोजना की कुल लागत 396.21 करोड़ रुपये है। इसके माध्यम से सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना में आधुनिक दाबयुक्त (प्रेशराइज्ड) पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाई जाएगी, जिससे पानी की बचत होगी और सिंचाई की दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार, कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। योजना से लगभग 10,400 किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इन 26 गांवों को मिलेगा मोहनपुरा परियोजना का पानी परियोजना के विस्तार से जिन गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, उनमें लीमा चौहान, पाडदा, टूट्याहेड़ी, दराना, देवीपुरा, भैंसवा माता, भवानीपुरा, कलाली, अरन्या, लोटट्या, घट्ट्या, रोजड़कलां, धामंदा, गायन, पट्टी, इचीवाड़ा, शंकरनगर, अमलावता, पीपल्या पाल, पाडल्या माता, शेरपुरा, कमलसरा, किशनखेड़ी, सुल्तानिया, जोगीपुरा और छापरा शामिल हैं। 26 किलोमीटर पाइपलाइन, नया पंप हाउस बनेगा मोहनपुरा परियोजना के कार्यपालन यंत्री संदीप दुबे ने बताया कि सारंगपुर क्षेत्र तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 26 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए राजगढ़ जिले के डूंगरपुर गांव में एक अतिरिक्त पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा, जो वर्तमान बीरमपुरा पंप हाउस के नजदीक होगा। इसके बाद इन गांवों तक खेतों में सीधे प्रेशराइज्ड पानी पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना को दो वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक वंचित था सारंगपुर क्षेत्र जानकारी के अनुसार वर्तमान में मोहनपुरा और कुंडालिया परियोजनाओं के माध्यम से राजगढ़ और आगर जिलों के लगभग 2.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के 1136 गांवों में सिंचाई की जा रही है। इन परियोजनाओं का पानी राजगढ़, ब्यावरा, खिलचीपुर और जीरापुर क्षेत्रों तक तो पहुंच रहा था, लेकिन नरसिंहगढ़ और सारंगपुर क्षेत्र इससे वंचित थे। अब इस विस्तार से सारंगपुर के 26 गांवों में पानी पहुंचेगा, जिससे 11,040 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। दो साल में पूरा होगा कार्य मोहनपुरा–कुंडालिया परियोजना के विकास राजोरिया ने बताया कि जिले में अधिक से अधिक सिंचित रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से इस विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। योजना को दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है, ताकि किसानों को शीघ्र लाभ मिल सके। कुल मिलाकर, मोहनपुरा डेम परियोजना का यह विस्तार सारंगपुर क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो कृषि को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार लाएगा। नरेन्द्र जैन/ईएमएस/14/01/2026