उज्जैन (ईएमएस) । संस्कार व संस्कृति का सशक्त माध्यम कीर्तन है उक्त विचार दिनांक 10 व 11 जनवरी 2026 को दो दिवसीय कीर्तन महोत्सव में मुख्य अतिथि श्री श्रेयस गोखले (उप निदेशक, धार्मिक न्यास एवं धर्म निदेशालय) ने महाराष्ट्र धर्मशाला क्षीरसागर पर व्यक्त किए विशेष अतिथि श्री पंकज चंदोरकर एवं अध्यक्षता श्री दीपक करपे ने की नारदीय कीर्तन सोहळा समिति के डॉ महेंद्र गौरे व अजय विपट ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि दो दिवसीय कीर्तन में हरि भक्त परायण सौ. शुभांगी संदीप पाठक सोलापुर मंगलाचरण श्री आशुतोष नारायण कुलकर्णी सोलापुर श्रीमती मृण्मयी कुलकर्णी नागपुर एवं श्री हर्षद बुवा जोगलेकर पुणे का कीर्तन संपन्न हुआ तबला वादक श्री पराग वखरे नागपुर, श्री हेमन्त चारेगांवकर वक्ता श्री नारायण काटे ने संगत किया नारदीय महोत्सव में श्री सुशील मुले पंकज चांदोरकर श्रेयस कवडे का सहायक प्रधानाध्यापक पद पर चयन होने पर शाल श्रीफल से समिति द्वारा सम्मानित किया गया समिति के रामरास सैंदे ने स्वागत भाषण दिया समिति के सदस्य अनुराधा गुमास्ते, राजेश मुंगी, सुनील पित्रे , रविंद्र पेंढारकर प्रभाकर पाध्ये प्रेरणा सोहनी ने स्वागत कर शाल और श्रीफल से सम्मान पत्र भेंट किया कार्यक्रम का संचालन स्कंद पलसीकर ने किया आभार अजय विपट ने माना। ईएमएस / 14 जनवरी 2026