राज्य
14-Jan-2026
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:: 50 हजार भक्तों ने एक स्वर में दोहराए पंच-संकल्प, संतों ने कहा- संयुक्त परिवार ही संस्कृति का आधार :: इन्दौर (ईएमएस)। बंगाली चौराहा स्थित मैदान पर विगत 8 जनवरी से जारी विराट लक्ष्मीनारायण महायज्ञ बुधवार को भव्य पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया। यज्ञ के सूत्रधार पंचमुखी धाम आगरोद के महंत कृष्णगोपाल दास महाराज एवं काशी के यज्ञाचार्य पं. पुष्कर पांडे के सानिध्य में जब श्रीसूक्त और पुरुषसूक्त की 15 लाखवीं आहुति दी गई, तो समूचा परिसर लक्ष्मीनारायण के जयघोष से गूंज उठा। महोत्सव के समापन पर देश के विभिन्न कोनों से आए संतों की मौजूदगी में धर्मसभा आयोजित हुई। महंत कृष्णगोपाल दास के आह्वान पर उपस्थित जनसमूह ने सनातन संस्कृति को सुदृढ़ बनाने हेतु पांच संकल्प लिए। संतों ने सनातन धर्म की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहने का आह्वान करते हुए यज्ञ की धनराशि का एक हिस्सा धर्म-योद्धाओं के परिवारों को देने की भी घोषणा की। समारोह में आरएसएस के विनीत नवाथे, जयपाल सिंह चावड़ा, पार्षद प्रणव मंडल सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अंत में 1100 भक्तों को अभिमंत्रित श्रीयंत्र भी वितरित किए गए। :: रात 11 बजे तक चला अखंड भंडारा :: पूर्णाहुति के पश्चात विशाल अखंड भंडारा आयोजित हुआ, जो रात 11 बजे तक चला। भोजन व्यवस्था के लिए 250 कार्यकर्ताओं की विशेष तैनाती की गई थी। प्रसाद निर्माण में 22 क्विंटल आटा, 40 क्विंटल आलू और 30 क्विंटल नुक्ती का उपयोग हुआ। वितरण के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और ऑटो रिक्शा की मदद ली गई। :: संतों का समागम :: यज्ञ की पूर्णाहुति पर देशभर के करीब 35 प्रतिष्ठित संतों ने शिरकत की। इनमें प्रमुख रूप से अयोध्या से हनुमानगढ़ी के महंत गोविंददास, बद्रीनाथ धाम से महंत गोविन्ददास, बनारस व हरिद्वार से द्वारकाधीश मंदिर के आचार्य परमानन्द महाराज, हरिद्वार के महंत रामदास, वृंदावन से तपोनिष्ठ महंत सुखराम दास महाराज व मनमोहन दास महाराज, बुरहानपुर व उज्जैन से महामंडलेश्वर स्वामी रामदास महाराज, महंत सियाराम दास एवं रामअवध दास शामिल थे। अखाड़ा परिषद से महामंडलेश्वर रामबालक दास रामायणी, स्वामी केशवदास, महंत भरतदास, फौजी बाबा रामकृपाल दास एवं महंत विजय दास ने भी आशीर्वचन दिए। :: ये हैं सनातन शक्ति के 5 संकल्प :: धर्मग्रंथ : हर घर में गीता एवं रामायण का स्वाध्याय हो। संयम : बच्चों को टीवी और मोबाइल के सीमित उपयोग हेतु प्रेरित करना। सामूहिक भक्ति : सप्ताह में कम से कम एक बार सपरिवार हनुमान चालीसा का पाठ। सह-भोज : घर के सभी सदस्यों का एक साथ बैठकर भोजन करना। संयुक्त परिवार : भारतीय संस्कृति की नींव संयुक्त परिवार व्यवस्था को बढ़ावा देना। प्रकाश/14 जनवरी 2026 संलग्न चित्र - इंदौर। बंगाली चौराहा स्थित यज्ञशाला में पूर्णाहुति के पश्चात हाथ उठाकर सनातन धर्म की मजबूती के लिए संकल्प लेते हजारों श्रद्धालु।