वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना सामने आई है। पहली बार अंतरिक्ष से मेडिकल इवैक्यूएशन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी के लिए रवाना हो गए हैं। इनके आज यानी गुरुवार तक प्रशांत महासागर में उतरने की उम्मीद है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मिशन में शामिल एक अंतरिक्ष यात्री की तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई थी, जिसकी जांच और इलाज अंतरिक्ष में संभव नहीं था। बताया गया है कि मिशन के दौरान एक अंतरिक्ष यात्री को अचानक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। उपलब्ध संसाधनों से उसकी पूरी जांच संभव नहीं हो सकी, जिसके बाद सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए पूरे दल को तय समय से पहले वापस बुलाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक क्रू ड्रैगन यान का इस्तेमाल किया गया। बुधवार को यह यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग होकर पृथ्वी की ओर रवाना हुआ। इस यान में चार अंतरिक्ष यात्री सवार हैं, जिनमें दो अमेरिकी, एक जापानी और एक रूसी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, दल के एक सदस्य की हालत अचानक बिगड़ गई थी, जिससे मिशन को बीच में ही रोकना पड़ा। हालांकि, बीमारी की प्रकृति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है और न ही संबंधित अंतरिक्ष यात्री की पहचान सार्वजनिक की गई है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लगभग 25 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी मेडिकल इमरजेंसी के कारण मिशन को समय से पहले समाप्त करना पड़ा है। लौट रहे अंतरिक्ष यात्री क्रू-11 मिशन का हिस्सा हैं, जिन्हें 1 अगस्त 2025 को पृथ्वी से अंतरिक्ष स्टेशन भेजा गया था। इस मिशन की अवधि छह महीने तय की गई थी और इनकी वापसी फरवरी 2026 के अंत में होनी थी। वीरेंद्र/ईएमएस/15जनवरी2026