तेहरान,(ईएमएस)। ईरान में जारी हिंसा और दमन के माहौल के बीच आम जनता का सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर बचा-खुचा भरोसा भी टूटता नजर आ रहा है। हालात इतने भयावह बताए जा रहे हैं कि अब ईरान के नागरिक ही अपनी जान बचाने के लिए देश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। आरोप हैं कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश के बाद सड़कों पर हिंसा बढ़ गई और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। इसके बाद से लोगों में डर इस कदर फैल गया है कि वे अपने घरों में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों के अनुसार, ईरान के कई हिस्सों में तनाव चरम पर है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद लोग खौफ के साए में जी रहे हैं और परिवारों के साथ सीमावर्ती इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि जान बचाने के लिए हजारों लोग पड़ोसी देशों की सीमाओं की ओर भाग रहे हैं, जिनमें तुर्किये की सीमा प्रमुख है। बुधवार को तुर्किये के वान प्रांत में ऐसे कई दृश्य सामने आए, जहां ईरानी परिवार सूटकेस घसीटते हुए सीमा पार करते दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि ये लोग अपनी पूरी जिंदगी का सामान लेकर ईरान छोड़ रहे हैं। उनके चेहरों पर डर साफ झलक रहा था, लेकिन वे किसी से बात करने से बचते नजर आए। आशंका जताई जा रही है कि बोलने पर उन्हें या उनके परिजनों को निशाना बनाया जा सकता है। ये लोग कापीकोय सीमा चौकी से प्रवेश कर नजदीकी कस्बों की ओर जाते दिखे।इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ईरान छोड़ने की सलाह जारी की है, जिसके बाद सीमा पार करने वालों की संख्या में इजाफा होने की बातें कही जा रही हैं। हालांकि सीमा पर तैनात तुर्की के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह असामान्य नहीं है, लेकिन क्षेत्रीय घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारत और अमेरिका समेत कुछ देशों ने अपने नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने की सलाह देते हुए एडवाइजरी जारी कर दी है। इन चेतावनियों के बाद आशंकाएं और गहरा गई हैं कि आने वाले घंटों में ईरान में हालात और बिगड़ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा संकट न केवल ईरान के आंतरिक हालात को प्रभावित करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भी इसका असर पड़ सकता है। वीरेंद्र/ईएमएस/15जनवरी2026