श्योपुर ( ईएमएस ) | कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में पर्यटन गतिविधियों को बढावा देने के उद्देश्य से होम स्टे पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर कलेक्टर एवं जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के नोडल रूपेश उपाध्याय ने कहा कि होम स्टे एक ऐसा माध्यम है, जिससे विविध संस्कृतियों एवं परम्पराओं को नजदीकी से जानने और समझने का अवसर उपलब्ध होते है। टूरिस्ट के रूप में आने वाले टूरिस्टर अपने साथ अपने क्षेत्र की संस्कृति और परम्पराओं को दूसरे स्थानों पर सांझा करते है, वही स्थानीय संस्कृति से रूबरू होते है। आज के दौर में होम स्टे तेजी से बढता व्यवसाय है। पर्यटन के क्षेत्र में इसकी मांग निरंतर बढती जा रही है। श्योपुर जिले की एतिहासिक पृष्ठभूमि, नेसर्गिक वन क्षेत्र और कूनो नेशनल पार्क भी पर्यटको को आकर्षित कर रहे है, ऐसे में स्थानीय कला, भाषा, संस्कृति, परम्परा, खानपान में रूचि रखने वाले पर्यटको के लिए होम स्टे की आवश्यकता महसूस की जा रही है। शिवपुरी रोड स्थित होटल अनोखी में आयोजित कार्यशाला के दौरान भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री कैलाश नारायण गुप्ता, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्र जाट, अंजुमन सदर श्री मोहम्मद शब्बीर नागौरी, भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष श्री सुमित सिंहल, श्री सतीश समाधिया, श्री अशोक सर्राफ, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल की होम स्टे मैनेजर श्रीमती गायत्री शर्मा, कोेडिनेटर श्री परमेन्दर रावत, श्री योगेश विश्वकर्मा, श्री देव सोनी आदि उपस्थित थे। अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय ने बताया कि श्योपुर जिले में पर्यटन विकास की दृष्टि से होम स्टे योजना में इच्छुक व्यक्ति अपना पंजीयन करा सकते है, होम स्टे के साथ ही फार्म स्टे भी बनाये जा सकते है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल की होम स्टे मैनेजर श्रीमती गायत्री शर्मा ने बताया कि यदि आपके घर में एक से एक एवं अधिकतम 6 अतिरिक्त कक्ष है, और आप अपने घर के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करना चाहते है, तो होम स्टे प्रारंभ कर सकते है। उन्होंने जानकारी दी कि होम स्टे स्थापना, फार्म स्टे स्थापना तथा ग्राम स्टे स्थापना के साथ ही बेड एवं ब्रेकफास्ट स्थापना के लिए पंजीयन कराये जा सकते है। होम स्टे के माध्यम से पर्यटको को स्थानीय लोक संस्कृति, परम्पराओं तथा खानपान से अवगत होने का अवसर मिलता है। इस योजना अंतर्गत गृह स्वामी अपने आवास के किसी भी भाग को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटको को आवासीय सुविधा के लिए उपलब्ध करा सकते है, इसके लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड में पंजीयन कराना होता है। होम स्टे के लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा वित्तीय प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाता है। गोल्ड श्रेणी में पंजीकृत होम स्टे को 25 हजार एवं डायमंड श्रेणी में पंजीकृत होम स्टे को वन टाइम 50 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। होम स्टे का ब्रोशर अथवा व्यवसायिक बनाने के लिए अधिकतम 10 हजार रूपये दिये जाते है। इस अवसर पर होम स्टे और उनके माध्यम से प्रदाय सुविधाओं पर आधारित वीडियो के साथ प्रोमोशनल वीडियों का प्रदर्शन किया गया तथा उपस्थित लोगों को होम स्टे योजना स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया।