राष्ट्रीय
16-Jan-2026


अंबाला,(ईएमएस)। हरियाणा के सिरसा से कांग्रेस सांसद, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मनरेगा जैसी ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी योजना को सुनियोजित ढंग से कमजोर करने का काम किया है, इसकारण आज देशभर में गहरा जनआक्रोश देखने को मिल रहा है। अंबाला में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी सच्चाई यह है कि गरीबों को न 100 दिन का रोजगार मिल रहा है, न समय पर मजदूरी का भुगतान हो रहा है और न ही व्यवस्था में किसी प्रकार की जवाबदेही शेष बची है। बल्कि मजदूरों को काम के लिए भटकना पड़ रहा है और भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है, इससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक बदहाल हुई है। कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की आपत्ति केवल मनरेगा के नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि असली और गंभीर मुद्दा यह है कि भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और गरीबों के अधिकारों की मूल भावना को ही कमजोर किया है। मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं थी, बल्कि यह गरीबों का कानूनी अधिकार था, जिसमें रोजगार की गारंटी के साथ-साथ बेरोजगारी भत्ता तक का प्रावधान था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर इस कानून की आत्मा को समाप्त करना चाहती है, ताकि गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता अपने अधिकारों से वंचित रहे। मनरेगा के माध्यम से गांवों में सम्मानजनक रोजगार, पलायन पर रोक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती थी, लेकिन मौजूदा नीतियों के कारण यह पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। कांग्रेस सांसद सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनविरोधी सोच के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी और गरीबों के संवैधानिक व कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए हर मंच पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी। वहीं फरीदाबाद में कांग्रेस नेता चौधरी महेंद्र प्रताप के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को सांसद सैलजा ने मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण बताया है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष की सशक्त आवाज़ को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का चयनात्मक इस्तेमाल हो रहा है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। आशीष दुबे / 16 जनवरी 2026