ग्वालियर ( ईएमएस ) | प्रदेश सरकार एवं केन्द्र सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 12 जनवरी से 31 मार्च तक 4 चरणों में “संकल्प से समाधान” अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा के दौरान शहरी क्षेत्र में सभी वार्ड स्तर पर, ग्रामीण क्षेत्र में सभी पंचायत स्तर पर एवं नगरीय निकायों में भी शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों के आवेदन किए जाएं। प्राप्त किए गए आवेदन पोर्टल पर अंकित हों और संबंधित विभागों को निराकरण के लिये भेजे भी जाएं। अभियान को पूर्ण गंभीरता के साथ अधिकारी लें। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। “संकल्प से समाधान” अभियान की समीक्षा के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत, नगर निगम के अपर आयुक्त श्री प्रदीप तोमर सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी एवं ग्रामीण विकास व नगरीय निकाय से जिले भर के अधिकारी शामिल हुए। पहले चरण में लिये जायेंगे आवेदन कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान के तहत प्रथम चरण 15 फरवरी तक चलेगा। इस चरण में दल गठित कर आवेदन प्राप्त करने की कार्रवाई की जायेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय के वार्डों में नगरीय वार्ड स्तरीय समिति गठित कर शासन की विभिन्न योजनाओं के आवेदन शिविर लगाकर अथवा घर-घर जाकर एकत्रित किए जायेंगे। अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा जिलेवार कलेक्टर एवं कमिश्नर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में की जायेगी। दूसरे चरण में निराकरण के लिए क्लस्टर व जोनल स्तर पर लगेंगे शिविर अभियान का दूसरा चरण 16 फरवरी से 16 मार्च तक चलेगा। प्रथम चरण में प्राप्त आवेदन के साथ नए आवेदन पत्रों के निराकरण के लिये द्वितीय चरण के दौरान शिविर लगाए जाएंगे। इस चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टर लेवल पर एवं नगरीय क्षेत्रों में नगर जोन स्तर पर नोडल अधिकारी के रूप में तहसीलदार/नायब तहसीलदार/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत/मुख्य नगर पालिका अधिकारी /विकासखंड शिक्षा अधिकारी/जोनल अधिकारी अथवा समकक्ष अधिकारी रहेंगे। आवेदनों का निराकरण पोर्टल पर क्लस्टर/जोन लेवल के नोडल अधिकारी द्वारा दर्ज किया जाएगा। अभियान के तीसरे चरण में विकासखंड व नगर स्तर पर शिविर लगाकर होगा निराकरण अभियान का तीसरा चरण 16 मार्च से 26 मार्च तक चलेगा। इस चरण में ब्लॉक नगर स्तर पर शिविर आयोजित किए आएंगे, जिसमें क्लस्टर, जोन लेवल पर अनिराकृत आवेदन व शिकायतों/नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। अभियान का चतुर्थ चरण अभियान का चतुर्थ चरण 26 मार्च से 31 मार्च तक चलेगा। इसमें जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर निराकरण से शेष सभी आवेदन व शिकायती आवेदनों के साथ नए आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। जिला स्तरीय शिविर में प्रभारी मंत्री द्वारा हितग्राहियों को सम्मान पूर्वक हितलाभ वितरण किए जायेंगे। प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम 3 नगर परिषद् में 01, नगर पालिका में 2 से 5 एवं नगर निगम में 5 से 10 शिविर आयोजित किए जायेंगे। संकल्प से समाधान अभियान से संबंधित संपूर्ण कार्यवाही सीएम हैल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से ही संपादित की जाएगी। पोर्टल में एक पृथक माड्यूल तैयार कर अधिकारियों एवं नागरिकों के लिए लॉगिन बनाने की सुविधा दी जाएगी। जिले में इन तिथियों में लगेंगे शिविर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत ने बताया कि जनपद पंचायत मुरार ग्रामीण एवं नगर निगम क्षेत्र में 23 मार्च को शिविर लगाया जायेगा। इसी तरह जनपद पंचायत घाटीगांव एवं नगर पंचायत मोहना में 20 मार्च, जनपद पंचायत डबरा, नगर पालिका डबरा एवं नगर पंचायत पिछोर व बिलौआ में 16 मार्च, जनपद पंचायत भितरवार एवं नगर पंचायत आंतरी व भितरवार में 18 मार्च को शिविर लगेंगे। इन शिविरों के नोडल अधिकारी का दायित्व संबंधित एसडीएम को सौंपा गया है। नागरिक ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे पोर्टल पर अपना आवेदन शिविर में भाग लेने के लिए पोर्टल पर नागरिक शिविर के पूर्व अपनी सुविधानुसार शिविर रोस्टर से शिविर का चयन कर अपना आवेदन पोर्टल पर दर्ज कर पंजीयन कर सकेंगे। शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर जिन आवेदनों का निराकरण कल्स्टर लेवल पर किया जा सकता है उन्हें हितलाभ वितरण क्लस्टर लेवल शिविर में प्रदान किया जाएगा। शिविर में प्राप्त होने वाले अथवा शिविर के ठीक पूर्व पोर्टल पर दर्ज होने वाले नवीन आवेदनों को भी विचार में लिया जाएगा और उनका विधिवत निराकरण किया जाएगा।