अंतर्राष्ट्रीय
16-Jan-2026


ट्रंप सिर्फ बोलते नहीं, एक्शन लेने वाले नेता वाशिंगटन,(ईएमएस)। वॉशिंगटन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच तीखी बयानबाजी हुई। अमेरिका ने ईरान को कड़ा संदेश देकर कहा कि देश में चल रहे जनविरोध प्रदर्शनों पर हो रही कथित क्रूर कार्रवाई को रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने दो टूक कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प केवल बयान देने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर ठोस कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटते। वॉल्ट्ज ने ईरान के आम नागरिकों की सराहना कर कहा कि देश के इतिहास में पहली बार जनता इतनी मजबूती से आज़ादी और अधिकारों की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए अत्यधिक बल का प्रयोग कर रही है और इंटरनेट ब्लैकआउट के जरिए सच्चाई को दुनिया से छिपाने की कोशिश हो रही है। उनका कहना था कि प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों का आरोप लगाना इस बात का संकेत है कि शासन अपने ही लोगों से भयभीत है। अमेरिकी राजदूत ने चेतावनी दी कि ईरान को समझ लेना चाहिए कि अमेरिका इस “नरसंहार” को रोकने के लिए कोई भी कदम उठा सकता है। इसके जवाब में ईरान के उप-राजदूत ने आरोपों को खारिज कर कहा कि उनका देश टकराव नहीं चाहता, लेकिन किसी भी हमले का सख्त जवाब दिया जाएगा। इस बीच व्हाइट हाउस ने दावा किया कि ट्रम्प के दबाव का असर दिख रहा है और हत्याओं में कमी आई है। संयुक्त राष्ट्र की सहायक महासचिव मार्था पोबी ने बताया कि प्रदर्शनों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार हजारों लोग मारे गए और गिरफ्तार किए गए हैं, हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। यूएन ने ईरान से फांसी पर रोक और पारदर्शी जांच की अपील की है। आशीष दुबे / 16 जनवरी 2026