* मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में उद्यमिता को मिला नया आयाम, कैबिनेट ने उद्यमियों और प्रशासन को दी बधाई गांधीनगर (ईएमएस)|मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आज गांधीनगर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि राज्य सरकार की उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते गुजरात को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में पांचवीं बार ‘बेस्ट परफॉर्मर स्टेट’ का सम्मान प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार वर्ष 2024 में स्टार्टअप क्षेत्र में राज्य सरकार की उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया गया है। इससे पहले भी गुजरात को भारत सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा आयोजित स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग में वर्ष 2018, 2019, 2020 और 2022 के लिए कुल चार बार ‘बेस्ट परफॉर्मर स्टेट’ के रूप में मान्यता मिल चुकी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गुजरात ने वर्ष 2024 में एक बार फिर यह प्रतिष्ठित दर्जा हासिल किया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल ने राज्य के उद्यमियों और प्रशासनिक तंत्र को बधाई दी। प्रवक्ता मंत्री ने आगे बताया कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ‘स्टार्टअप पॉलिसी’ लागू की थी। बाद में देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने गुजरात मॉडल से प्रेरित होकर वर्ष 2016 में पूरे देश के लिए ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप इंडिया मिशन’ की शुरुआत की। इस मिशन के अंतर्गत युवाओं के नवाचार को उद्योग में बदलने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य की औद्योगिक नीति के तहत गुजरात सरकार ने अब तक 430 से अधिक स्टार्टअप्स को लगभग 65 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। वर्तमान में गुजरात में 16 हजार से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जिनमें 200 से अधिक इनक्यूबेटर्स और शैक्षणिक संस्थान, 850 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 350 से अधिक जमीनी स्तर के स्टार्टअप्स शामिल हैं। इसके अलावा, नए विचारों को उत्पाद में बदलने के लिए राज्य में 180 से अधिक इनक्यूबेटर्स और नोडल संस्थाएं भी कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थियों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी 2.0 (एसएसआईपी 2.0)’ के तहत पांच वर्षों के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब केवल अहमदाबाद और गांधीनगर ही नहीं, बल्कि सूरत, वडोदरा, राजकोट और जामनगर जैसे शहर भी स्टार्टअप के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। राज्य सरकार भविष्य में अन्य शहरों में भी नए आई-हब केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। राज्य सरकार की इन पहलों के परिणामस्वरूप गुजरात उद्यमिता का आदर्श राज्य बन गया है और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सतीश/16 जनवरी