मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को हुए मतदान के बाद शुक्रवार को परिणामों की घोषणा की गई। मुंबई महानगरपालिका का चुनाव राजनीतिक रूप से ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया है। भाजपा महायुति गठबंधन की शानदार जीत और भाजपा-कमल का इस बड़े स्थानीय प्रशासन में प्राथमिकता पाना यह संकेत देता है कि महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में बीजेपी की पकड़ मजबूत हो रही है। यह परिणाम आने वाले समय में शहरी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन और शहर के विकास की दिशा पर गहरा असर डाल सकता है। शुक्रवार को राज्य के 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम सामने आए और एग्जिट पोल के अनुमान काफी हद तक सही साबित हुए हैं, जिसमें बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति ने इन चुनावों में निर्विवाद दबदबा बनाया है। भाजपा महायुति ने 25 महानगरपालिकाओं में सत्ता हासिल की, जिससे ठाकरे भाइयों और पवार चाचा-भतीजे की जोड़ी को बड़ा झटका लगा। बीजेपी और शिवसेना का दबदबा खासकर मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में साफ तौर पर दिखा। मुंबई महानगरपालिका में, महायुति ने निर्णायक बढ़त और स्पष्ट बहुमत हासिल किया। बीजेपी 90 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना को 28 सीटें मिलीं। उद्धव बालासाहेब ठाकरे समूह, जो मराठी मुद्दे पर एकजुट हुआ था, उसे 57 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि राज ठाकरे की मनसे को 9 सीटें मिलीं। हालांकि कांग्रेस ने अप्रत्याशित रूप से 15 सीटें जीतीं। वहीं एनसीपी के दोनों गुटों का प्रदर्शन सीमित रहा। मुंबईकरों ने सड़क, रेलवे, मेट्रो, रीडेवलपमेंट, स्वच्छता और पानी की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर भाजपा महायुति पर भरोसा दिखाया, और गठबंधन बहुदलीय मुकाबले में भी विजयी रहा। उधर मुंबई से सटे ठाणे मनपा में, शिवसेना शिंदे को 55 सीटें और बीजेपी को 25 सीटें मिलीं, जिससे सत्ता पर उनकी पकड़ मजबूत हुई। नवी मुंबई में, बीजेपी ने 66 सीटें जीतकर अकेले सत्ता बनाने का रास्ता साफ कर दिया। शिवसेना शिंदे को यहां 42 सीटें मिलीं। मीरा-भायंदर में, बीजेपी ने 74 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि शिवसेना और अन्य पार्टियां पीछे रह गईं। कल्याण-डोंबिवली में, शिवसेना (शिंदे) 51 और बीजेपी 48 ने मिलकर महायुति का गढ़ बनाए रखा। उल्हासनगर में, बीजेपी 38 और शिवसेना (शिंदे) 36 सीटों पर विजयी रहीं, हालांकि भिवंडी-निजामपुर में कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं, लेकिन उनके लिए सरकार बनाने का रास्ता मुश्किल लग रहा है। पालघर जिले के वसई-विरार मनपा में एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जहां हितेंद्र ठाकुर ने अपना गढ़ बनाए रखा। यहां, हितेंद्र ठाकुर की बहुजन विकास अघाड़ी ने 71 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी, जबकि बीजेपी को 43 सीटों से संतोष करना पड़ा। रायगढ़ जिले के पनवेल मनपा में, बीजेपी ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का फायदा उठाते हुए 60 सीटें जीतकर निर्विवाद बहुमत हासिल किया। नागपुर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में बीजेपी का दबदबा दिखा। पुणे मनपा बीजेपी ने 90 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत के साथ अपना दबदबा बनाए रखा। पुणे के निवासियों ने आईटी हब, मेट्रो, स्मार्ट सिटी और परिवहन प्रणाली जैसे मुद्दों के आधार पर बीजेपी को वोट दिया। इसके अलावा, बीजेपी ने पिंपरी-चिंचवड़ में 84 सीटें जीतकर एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की, और नासिक में 76 सीटें, छत्रपति संभाजी नगर में 58 और नागपुर में शानदार 102 सीटें जीतकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। नागपुर में कांग्रेस और उद्धव ठाकरे-शरद पवार गुट के एक साथ होने के बावजूद, वे बीजेपी की बढ़त को नहीं रोक पाए। कुल मिलाकर, राज्य के 29 महानगरपालिकाओं के नतीजे साफ दिखाते हैं कि शहरी मतदाताओं ने विकास-उन्मुख नीतियों, मजबूत नेतृत्व और स्थिर प्रशासन को प्राथमिकता दी है। महायुति (महागठबंधन) की यह सफलता आगामी जिला परिषद और विधान परिषद चुनावों को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। * हर पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं? - मुंबई- बीजेपी 90, शिवसेना शिंदे 28, उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) 57, एमएनएस 9, कांग्रेस 15, एनसीपी अजित पवार 3, शरद पवार 1 - ठाणे- शिवसेना शिंदे 55, बीजेपी 25, शरद पवार 11, एनसीपी अजित पवार 8, यूबीटी 1 - नवी मुंबई- बीजेपी 66, शिवसेना 42, यूबीटी 2, एमएनएस 1 - पनवेल- बीजेपी 60, शिवसेना 2, एनसीपी 2, यूबीटी 5, कांग्रेस 4 - मीरा-भायंदर- बीजेपी 74, शिवसेना 3, कांग्रेस 13, यूबीटी 0, एमएनएस 0 - वसई-विरार- बहुजन विकास अघाड़ी (बीवीए) 71, बीजेपी 43, शिवसेना 1, यूबीटी और अन्य पार्टियां 0 - कल्याण-डोंबिवली- शिवसेना शिंदे 51, बीजेपी 48, यूबीटी 9, एमएनएस 5, कांग्रेस 2, शरद पवार 1 - उल्हासनगर- बीजेपी 38, शिवसेना शिंदे 36, कांग्रेस 1 - भिवंडी-निजामपुर- कांग्रेस 30, बीजेपी 22, शिवसेना 12, शरद पवार 12 - पिंपरी-चिंचवड़- बीजेपी 84, एनसीपी 37, शिवसेना 6 - पुणे- बीजेपी 90, एनसीपी 20, कांग्रेस 10, शिवसेना 2 - नासिक- बीजेपी 76, शिवसेना 29, एनसीपी 3, यूबीटी 9, एमएनएस 1, कांग्रेस 3 - मालेगांव- शिवसेना 18, बीजेपी 2 - छत्रपति संभाजी नगर- बीजेपी 58, शिवसेना 12, यूबीटी 6, कांग्रेस 1, शरद पवार 1 - नागपुर- बीजेपी 102, शिवसेना 2, कांग्रेस 33, एनसीपी 1 एवं यूबीटी 2 बहरहाल इस बार के चुनाव बेहद दिलचस्प थे क्योंकि राज्य के सियासी गठबंधन पूरी तरह बदल चुके हैं। सालों की दुश्मनी भुलाकर उद्धव और राज ठाकरे अब एक साथ चुनावी मैदान में थे। दूसरी ओर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में पवार बनाम पवार की असली लड़ाई देखने को मिली थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए दिशा तय करेंगे। संतोष झा- १६ जनवरी/२०२६/ईएमएस