* विश्वविख्यात शास्त्रीय नृत्य कलाकारों की गुरु–शिष्य परंपरा से सजेगा दिव्य सांस्कृतिक उत्सव गांधीनगर (ईएमएस)| खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि विभाग, आयुक्त युवा सेवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि कार्यालय तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविख्यात ऐतिहासिक मोढेरा सूर्य मंदिर परिसर में आगामी 17 और 18 जनवरी 2026 को भव्य उत्तरार्ध महोत्सव–2026 का आयोजन किया जा रहा है। गुरु–शिष्य परंपरा को उजागर करने वाले इस दो दिवसीय महोत्सव में देश–विदेश के प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियाँ देंगे। यह महोत्सव दोनों दिन शाम 6:30 बजे से प्रारंभ होगा और कला रसिकों को शास्त्रीय नृत्य का अनुपम आनंद प्रदान करेगा। * मोढेरा परिसर में शास्त्रीय नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुति उत्तरार्ध महोत्सव–2026 के अंतर्गत ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक, मणिपुरी, कुचिपुड़ी, कथकली और सत्रिया जैसे शास्त्रीय नृत्य रूपों की प्रस्तुतियाँ होंगी। महोत्सव के प्रथम दिन (17 जनवरी 2026) को रमिंदर खुराना (ओडिसी), मीनाक्षी श्रियन (भरतनाट्यम), माया कुलश्रेष्ठा (कथक), पेरी कृष्ण हर्षिता (भरतनाट्यम), डॉ. श्रुति बंद्योपाध्याय (मणिपुरी), बीना मेहता (कुचिपुड़ी), अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। द्वितीय दिन (18 जनवरी 2026) को मणिकंदन ए. (कथकली), खुश्बू पंचाल (कथक), जुगनू किरण कपाड़िया (भरतनाट्यम), डॉ. माधुरी मजमुदार (कुचिपुड़ी), डॉ. डिंपल साइकिया (सत्रिया), पुष्पिता मिश्रा (ओडिसी), आर्या नंदे (ओडिसी), अपनी नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। सूर्य मंदिर की प्राचीन परंपरा को जीवंत करता उत्सव उत्तरायण के पश्चात, जब सूर्य की उत्तर दिशा की गति प्रारंभ होती है और शीत ऋतु के अंत के साथ दिन बड़े होने लगते हैं, उस ‘अर्ध’ काल में मोढेरा सूर्य मंदिर में शास्त्रीय नृत्य महोत्सव मनाने की परंपरा रही है। सूर्य और ग्रहों की स्थिति तथा सूर्य के पृथ्वी भ्रमण पर आधारित प्राचीन इंजीनियरिंग कौशल का अद्भुत उदाहरण यह सूर्य मंदिर, इस महोत्सव की पृष्ठभूमि में गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। इस भव्य आयोजन के सुचारु संचालन हेतु जिला कलेक्टर एस. के. प्रजापति के मार्गदर्शन में तथा निवासी अतिरिक्त कलेक्टर जशवंत के. जेगोडा की अध्यक्षता में मोढेरा सूर्य मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा–निर्देश दिए गए। मोढेरा सूर्य मंदिर की पावन धरती पर शास्त्रीय नृत्य के इस दिव्य उत्सव का साक्षी बनने हेतु जिला प्रशासन द्वारा आम जनता को हार्दिक आमंत्रण दिया गया है। सतीश/16 जनवरी