17-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। लाल किले में सुरक्षा बढ़ाने के लिए पहली बार सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सात साल की आपत्ति के बाद इसकी मंजूरी दी। 2005 के आतंकी हमले के बाद सुरक्षा चिंताओं के कारण यह निर्णय लिया गया। पहले चरण में 150 कैमरे और हाई-मास्ट फ्लडलाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे ऐतिहासिक स्मारक की निगरानी मजबूत होगी। लाल किला परिसर में सुरक्षा और निगरानी के लिए पहली बार सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह फैसला लगभग सात साल से अटका हुआ था, क्योंकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने ऐतिहासिक संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए आपत्ति जताई थी। एएसआई के विरोध के कारण यह योजना लंबे समय तक रुकी रही, लेकिन 10 नवंबर 2025 को लाल किले के आसपास हुए आतंकी हमले (कार बम विस्फोट) ने स्थिति बदल दी। इस हमले में कई लोगों की जान गई और दर्जनों घायल हुए, जिसके बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एएसआई ने अपनी आपत्तियां वापस लीं। इस निर्णय के लिए खुफिया ब्यूरो आईबी), एएसआई, दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ (जो लाल किले की आंतरिक सुरक्षा संभालती है) और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। पहले चरण में कुल 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो परिसर में किसी भी अंधेरे कोने को कवर करेंगे। साथ ही, आसपास के पार्कों में हाई-मास्ट फ्लडलाइट्स भी लगाई जाएंगी। यह कदम लाल किले की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव है। हमले के बाद से दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि काम जल्द पूरा हो जाएगा, जिससे यह ऐतिहासिक स्मारक सुरक्षित और आधुनिक निगरानी से लैस हो जाएगा। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/17/ जनवरी /2026