राज्य
17-Jan-2026
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बिछुआ (ईएमएस)। बिछुआ विकासखंड में जंगली जानवरों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। महज 15 दिन के भीतर टाइगर के हमले से दूसरी किसान की मौत ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। ताजा घटना बिछुआ थाना क्षेत्र के ग्राम गुमतरा की है, जहां देर रात खेत में सिंचाई करने जा रहे एक किसान पर टाइगर ने हमला कर उसकी जान ले ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुमतरा निवासी राजकुमार कहार (उम्र लगभग 45 वर्ष), पिता सियाराम कहार, सोमवार रात करीब 10 बजे अपने घर से गेहूं की फसल में पानी देने के लिए निकले थे। उनका खेत वन परिक्षेत्र के बफर जोन कुभंपानी से लगा हुआ है। बताया जा रहा है कि खेत की ओर जाते समय प्रीतम गौड़ के खेत के पास अचानक झाड़ियों से निकले टाइगर ने राजकुमार कहार पर हमला कर दिया। घटना के समय रात का अंधेरा होने के कारण आसपास कोई मौजूद नहीं था। काफी देर तक जब राजकुमार घर नहीं लौटे तो करीब रात 11 बजे उनका बेटा राजेश कहार भी अपने खेत की ओर निकला। रास्ते में उसने अपने पिता का शव पड़ा देखा, जिस पर टाइगर के हमले के स्पष्ट निशान थे। बेटे ने पिता को उठाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस दृश्य को देखकर वह बदहवास हो गया और गांव में सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। सहायक वन संरक्षक अतुल पराधी और वन परिक्षेत्र अधिकारी बलवंत केसवाल मौके पर पहुंचे। वन विभाग और पुलिस की मौजूदगी में शव का पंचनामा तैयार किया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में टाइगर के हमले से मौत की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि इससे पहले करीब 15 दिन पूर्व बिछुआ क्षेत्र के ही ग्राम किसनपुर में टाइगर के हमले से किसान बलराम डेहरिया की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। किसानों का कहना है कि खेतों तक जाना भी अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है, खासकर रात के समय। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, टाइगर की मूवमेंट पर नजर रखने और प्रभावित गांवों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो और भी जनहानि हो सकती है।