राज्य
17-Jan-2026
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- 2600 से अधिक दिव्यांगजनों को 3.51 करोड़ की साधन सहायता, मुख्यमंत्री ने की सराहना भावनगर (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भावनगर में दिव्यांग साधन सहायता वितरण के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिव्यांगों का जीवन सरल और उन्नत बने, इसके लिए दिव्यांगजनों के हित में राज्य सरकार ने अनेक निर्णय लिए हैं। भावनगर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा एडिप योजना तथा जेटको और पीजीवीसीएल के सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क दिव्यांग साधन सहायता वितरण शिविर का आयोजन एलिम्को और भावनगर जिला प्रशासन द्वारा किया गया था| मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा एक ही दिन में एक साथ 1017 दिव्यांगजनों को रु. 1.16 करोड़ की साधन सहायता प्रदान करने वाले इस निःशुल्क साधन सहायता वितरण कार्यक्रम को दिव्यांग कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताया। भावनगर और बोटाद जिले में 15 दिनों तक शिविर आयोजित कर 2600 से अधिक दिव्यांगजनों को रु. 3.51 करोड़ के 4800 से अधिक साधन निःशुल्क प्रदान कर उनकी आत्मनिर्भरताको बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्री श्रीमती नीमूबेन बांभणिया और उनकी टीम को मुख्यमंत्री ने अभिनंदन दिया। इसके अतिरिक्त राज्य की दो सार्वजनिक कंपनियों जेटको और पश्चिम गुजरात विद्युत कंपनी लिमिटेड ने भी सीएसआर के अंतर्गत इस साधन सहायता वितरण में योगदान दिया है, जिसकी भी सराहना की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में पिछले पाँच वर्षों में 4 लाख से अधिक दिव्यांगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देकर रु. 820 करोड़ से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। इतना ही नहीं, दिव्यांगों को प्रमाणपत्र के लिए बार-बार मेडिकल चेकअप हेतु जाना पड़ता था और कठिनाइयाँ सहनी पड़ती थीं, उससे भी मुक्ति मिली है। दिव्यांगता प्रमाणपत्र को आजीवन मान्य करने के निर्णय से दिव्यांगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब 60 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले दृष्टिबाधित व्यक्तियों को संत सूरदास योजना का लाभ दिया जा रहा है। ऐसी योजनाओं का लाभ मिलने से दिव्यांगजन आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में दिव्यांगों का जीवन बदला और नई अवसर प्रदान किए, इसका उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुगम्य भारत अभियान के माध्यम से दिव्यांगजनों के कल्याण की दिशा में बड़ा कार्य किया है। इस अभियान के कारण देश में सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों और सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएँ विकसित हुई हैं और ईज़ ऑफ़ लिविंग सरल बना है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री “दिव्याशा” केंद्रों के निर्माण की की गई पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पूरे देश में 300 दिव्याशा केंद्र बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से लगभग 100 केंद्र कार्यरत हो चुके हैं, यह भी उन्होंने जोड़ा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर देश का गौरव बढ़ाने के लिए भी पीएम मोदी द्वारा अपनाई गई योजनाबद्ध कार्यप्रणाली का उल्लेख किया। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि गांधीनगर में 316 करोड़ रुपये की लागत से पैरा एथलीट्स के लिए हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में आयोजित होने वाली विश्वस्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में हमारे दिव्यांग खिलाड़ी अधिक से अधिक पदक प्राप्त करें, इसके लिए इस हाई परफॉर्मेंस सेंटर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत 2047 के संकल्प में दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, प्रौद्योगिकी और उद्योगों में समान भागीदार बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमूबेन बांभणिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में अनेक क्रांतिकारी परिवर्तन आए हैं। दिव्यांगजनों के लिए सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाएँ लागू हैं। पूरे बोटाद और भावनगर जिले में लगभग 2700 दिव्यांगजनों का आकलन किया गया था। भावनगर जिले में शिहोर और पालिताणा तथा बोटाद जिले में तीन शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इनमें 825 दिव्यांगजनों को कुल रु. 121.20 लाख मूल्य के 1577 उपकरण प्रदान किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को “आत्मनिर्भर” बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। एडीआईपी योजना के अंतर्गत लाखों दिव्यांगजनों को निःशुल्क आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में दिव्यांगजनों को उपकरण सहायता प्रदान करने के लिए लगभग 18 हजार से अधिक शिविरों का आयोजन किया गया है और 31 लाख से अधिक दिव्यांगजनों तक सहायता पहुँचाई गई है। कृषि मंत्री जीतु वाघाणी ने कहा कि “दिव्यांग” शब्द की भावनात्मक अभिव्यक्ति और दिव्यांगजनों के लिए व्यवस्थाओं की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाने के लिए जो संवेदनशील पहल की थी, उसके परिणाम आज पूरे देश में दिखाई दे रहे हैं। दिव्यांग साधन सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपनी सरलता, सादगी और संवेदनशील कार्यशैली के माध्यम से गुजरात में एक सशक्त नेतृत्व स्थापित किया है। उनके मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना है। उन्होंने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा की जा रही पहलों की सराहना की। मंत्री श्री ने आगे कहा कि सीएसआर फंड का उचित उपयोग समाजहित में करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकारी और निजी कंपनियाँ आगे आ रही हैं। दिव्यांगजनों को उपकरण सहायता मिलने से वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुभकामना संदेश का पठन किया गया। सतीश/17 जनवरी