क्षेत्रीय
17-Jan-2026
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- 34वाँ अहीर नृत्य कला एवं छेरछेरा महोत्सव उल्लास के साथ सम्पन्न बिलासपुर (ईएमएस)। ग्राम देवरहट में 34वाँ अहीर नृत्य कला महोत्सव एवं छेरछेरा पर्व परंपरागत हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। साहित्य, संस्कृति और अध्यात्म की त्रिवेणी में हजारों ग्रामीणों एवं दर्शकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर यदुवंशी शौर्य का भव्य प्रदर्शन राउत नाचा (अहीर नृत्य) के माध्यम से देखने को मिला, जिसमें विभिन्न गांवों से आए नर्तक दलों ने पारंपरिक वेशभूषा और अनुशासन के साथ प्रस्तुति दी। अहीर नृत्य कला परिषद देवरहट के संस्थापक गोलोकवासी स्वामी शारदानंद महाराज के कृपापात्र एवं संस्कृति प्रेमी समाजसेवी डॉ. मन्तराम यादव के मार्गदर्शन में यह आयोजन विगत 33 वर्षों से निरंतर जनसहयोग से होता आ रहा है। पूस पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाए जाने वाले इस महोत्सव में छेरछेरा पर्व के साथ संस्कृति संरक्षण और यादव परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं अतिथि स्वागत के साथ हुआ। संयोजक डॉ. मन्तराम यादव ने अपने उद्बोधन में आयोजन की 34 वर्षों की यात्रा, संघर्ष और सांस्कृतिक उद्देश्य को रेखांकित किया। इसके पश्चात काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार बुधराम यादव ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि राघवेन्द्रधर दीवान तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी एवं प्रो. चंद्रशेखर सिंह रहे। काव्य गोष्ठी में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने सरस एवं सुमधुर रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान साहित्य, संस्कृति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। लोक साहित्य एवं संस्कृति के अंतर्गत पुस्तक हेतु सर्वश्रेष्ठ आलेख वर्षा ऋ तु का श्रृंगार, प्रकृति में लाई बरखा की बहार के लिए शांति सोनी, व्याख्याता शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महमंद, बिल्हा, जिला बिलासपुर को शॉल, श्रीफल, सम्मान पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। महोत्सव ने ग्रामीण सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 17 जनवरी 2026