क्षेत्रीय
17-Jan-2026
...


- मॉ को मारने की धमकी देकर कई बार बनाया था हवस का शिकार - आरोपी ने पवित्र रिश्ते के साथ किया विश्वासघात, नरमी बरतना उचित नहीं-कोर्ट भोपाल(ईएमएस)। शहर के कोलार थाना इलाके में साल 2024 में 11 साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी सौतेले पिता को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) नीलम मिश्रा की कोर्ट ने देते हुए अपने आदेश में लिखा है, कि आरोपी ने पीड़िता का सौतेला पिता होते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया है। ऐसे में आरोपी ने पवित्र रिश्ते के साथ विश्वासघात किया है। आरोपी के साथ किसी प्रकार की नर्मी बरतना उचित नहीं है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार पटेल ने की है। मिली जानकारी के अनुसार दुष्कर्म का यह मामला कोलार थाना क्षेत्र में 1 सितंबर 2024 को दर्ज हुआ था। नाबालिग किशोरी ने पुलिस को बताया था की घटना से 9 साल पहले उसकी मां का पहले पिता से तलाक हो गया था। इसके बाद साल 2020 में परिवार वालों ने उसकी मां की आरोपी के साथ दूसरी शादी करा दी थी। सौतेले पिता से उसकी मां को एक चार साल का बेटा है। घटना वाले दिनो उसकी मां का जेपी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसके लिए मां अक्सर अस्पताल में रहती थीं। इस दौरान आरोपी सौतेले पिता ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया था। ज्यादती का खुलासा उस समय हुआ जब 29 अगस्त को उसके पेट में दर्द होने पर उसने अपनी मां को जानाकरी दी। मां उसे इलाज के लिये ले गई, रास्ते में जब मॉ ने उससे कारण पूछा तब पीड़िता ने सौतेले पिता की करतूत बताते हुए कहा की 28 जुलाई को जब वह किसी काम से घर से बाहर गई थी। तब तब आरोपी ने उसके साथ किचन में जर्बदस्ती दुष्कर्म किया था। ज्यादती के बाद सौतेला पिता ने उसे धमकी दी थी कि यदि घटना के बारे में किसी को बताया तो वो उसकी मां को जान से मार देगा। उसकी धमकी से किशोरी चुप रही, इसके बाद आरोपी ने 30 जुलाई को भी घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद मामला पुलिस थाने पहुचां और प्रकरण दर्ज किया गया। कोर्ट ने आरोपी सौतेले पिता को उम्रकैद की सजा के साथ ही आरोपी पर 4 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है, जिसे कोर्ट के आदेश अनुसार पीड़िता को प्रदान किया जाएगा। वहीं पीड़िता के भविष्य को देखते हुए कोर्ट ने उसे 4 लाख रुपए क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने का आदेश दिया है। जुनेद / 17 जनवरी