क्षेत्रीय
17-Jan-2026
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- छोटा उदयपुर धार रेल परियोजनाओं को राष्ट्रीय रेल विकास योजना में शामिल कराने हेतु दिया निवेदन पत्र धार(ईएमएस)। धार निप्र/इंदौर दाहोद एवं छोटा उदयपुर धार रेल लाओ महासमिति ने शुक्रवार को केन्द्रिय मंत्री एवं सांसद श्री सावित्री ठाकुर को केन्द्रिय अध्यक्ष पवन जैन गंगवाल ने मुलाकात कर एक निवेदन पत्र देते हुए अनुरोध किया की महासमिति के प्रतिनिधि मण्डल को प्रधानमंत्री या रेलमंत्री से दिल्ली मे मुलाकात कराने की पहल करे। अनुरोध पत्र में लिखा है कि मध्यप्रदेश के धार झाबुआ और गुजरात के दाहोद छोटा उदयपुर आदिवासी बाहुल्य क्षैत्र जो इस क्षैत्र की जीवन रेखा रेल लाईन है जो सपना बनी हुई है इस प्रोजेक्ट को 2008 में मंजुरी मिली थी इसे 2011 तक पुरा होना था याने 15 साल पिछड चुकी है प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र जी मोदी के कारण इंदौर-दाहोद एवं छोटा उदयपुर धार रेल परियोजना को गति जरूर मिली है। जिसके कारण इस क्षैत्र में आशा की किरण फैली हुई है इंदौर दाहोद रेल परियोजना का कार्य पश्चिमी रेलवे रतलाम मण्डल द्वारा किया जा रहा है धीमी गती से। 205 किमी की यह परियोजना में से 125 किमी का कार्य पुर्ण होने की स्थिती में है धार से झाबुआ लगभग 80 किमी का हिस्सा अभी भी शेष है जहॉ निर्माण कार्य शुरू नही हो पाया है जिसमें 3 सुरंगे बनना शेष है इसी तरह छोटा उदयपुर धार रेल परियोजना बडोदा रेल मंडल द्वारा कार्य किया जा रहा है तेज गति से। 145 किमी की यह परियोजना में से 102 किमी का कार्य पुर्ण होने की स्थिती में है धार तिरला से टांडा रोड लगभग 43 किमी का हिस्सा जिस पर बडौदा रेल मंडल द्वारा कार्य किया जा रहा है। अगर भारत सरकार इस छोटे से 43 किमी रेल मार्ग को राष्ट्रीय रेल विकास योजना में शामिल कर निर्माण कार्य प्रारंभ करे। उज्जैन सिहंस्थ 2028 तक पुरा करावे जिससे धार का सीधा संपर्क बडोदा गुजरात और बाम्बे महाराष्ट्र से होगा लाखो आदिवासीयों को रोजगार के नये अवसर प्राप्त होग साथ ही औद्योगीक क्षैत्र पिथमपुर को भी पुरा लाभ मिलेगा। क्षैत्र का पलायन रूकेगा साथ ही सरकार ने दोनो रेल परियोजना पर अरबो रूपये खर्च किये है उसका फायदा भी सरकार को तुरंत मिलेगा। साथ ही सिंहस्थ 2028 में आने वाले तीर्थ यात्रियों को भी पुण्य लाभ प्राप्त होगा। इंदौर से बाम्बे की 120 किमी की दुरी कम होगी। रेल लाओं महासमिति ने पुर्व में प्रधानमंत्री और रेलमंत्री को दिये गये ज्ञापन की प्रतिलिपि भी अनुशंसा के साथ भेजने का निवेदन किया गया। अनुरोध पत्र देते समय महासमिति के पवन जैन गंगवाल, नरेश राजपुरोहित, प्रवीण टॉक, शांतीलाल शर्मा, कमल व राजेश हरोड, भययुराम, नंदरामजी टाक, प्रकाश सोलंकी आदि उपस्थित थे। ईएमएस/17/01/26