राष्ट्रीय
17-Jan-2026


नई दिल्‍ली,(ईएमएस)। अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करना पंसद करते हैं, तब अगले 7 साल तक बिजली सेक्‍टर पर टारगेट कर सकते है। केंद्रीय बिजली सचिव ने दावा किया है कि आने वाले 7 साल में सेक्‍टर में करीब 500 अरब डॉलर यानी 45 लाख करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा का निवेश आ सकता है। जाहिर है कि इस सेक्‍टर को इतना ज्यादा निवेश मिलेगा, तब इस सेक्‍टर की कंपनियों के स्‍टॉक्‍स पर भी जरूर असर दिखेगा। केंद्रीय बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने कहा कि भारत में अगले सात साल के दौरान उत्पादन, पारेषण और भंडारण सहित बिजली क्षेत्र में कुल 500 अरब डॉलर (करीब 45 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की संभावना है। एक कार्यक्रम में अग्रवाल ने कहा कि देश में बिजली पारेषण नेटवर्क जल्द ही 5 लाख सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो वर्तमान में 4.97 लाख सीकेएम तक पहुंच चुका है। उन्होंने भारत को एक उच्च विकास वाला बाजार बताकर कहा कि अगले 7वर्षों में बिजली उत्पादन, पारेषण, ऊर्जा भंडारण और वितरण में निवेश की काफी क्षमता है। उन्होंने बताया कि ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी’ शिखर सम्मेलन 2026’ का आयोजन 19 से 22 मार्च तक दिल्ली के यशोभूमि में होगा। केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने औपचारिक रूप से इसकी घोषणा की और शिखर सम्मेलन से जुड़े ब्रोशर और टीजर फिल्म भी जारी की। इस मौके पर बिजली मंत्री खटटर ने कहा कि भारत को अब बिजली क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है। उन्होंने बताया कि भारत ने साल 2024 में 250 गीगावाट की उच्च मांग को सफलतापूर्वक हासिल किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही ‘बिजली संशोधन विधेयक 2026’ पेश करने वाली है। इसमें आने वाले समय में बिजली सेक्‍टर को और तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। आशीष दुबे / 17 जनवरी 2026