- शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की पहली प्राथमिकता रही मोतिहारी, (ईएमएस)। इन दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर निकले हैं और इसके तहत वे समूचे बिहार का दौरा करने वाले हैं। समृद्धि यात्रा के तहत दूसरे दिन यानि शनिवार को वे मोतिहारी पहुंचे जहाँ गांधी मैदान में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार बनने के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ और तब से विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी है। आज राज्य में डर और भय का माहौल नहीं है, बल्कि शांति, भाईचारा और विश्वास का वातावरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। शाम के बाद लोग घर से बाहर निकलने में डरते थे। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई थी। सड़कें जर्जर थीं और बिजली सीमित क्षेत्रों तक ही पहुंचती थी। आज हालात पूरी तरह बदले हैं और बिहार विकास के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। नीतीश कुमार ने बताया कि सामाजिक तनाव खत्म करने के लिए वर्ष 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई गई। इसके बाद झगड़े-फसाद में भारी कमी आई। वर्ष 2016 से 60 साल से पुराने हिंदू मंदिरों की भी घेराबंदी की गई, जिससे चोरी और विवाद की घटनाएं रुक गईं। इससे राज्य में सामाजिक सौहार्द मजबूत हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की पहली प्राथमिकता रही है। 2006 से अब तक 3 लाख 68 हजार नियोजित शिक्षकों की बहाली हुई। वर्ष 2023 से बीपीएससी के माध्यम से 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति की गई। अब बिहार में कुल सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार हो चुकी है। साइकिल और पोशाक योजना से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। नीतीश कुमार ने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महीने में केवल 39 मरीज आते थे। अब औसतन 11 हजार 600 मरीज हर महीने इलाज के लिए पहुंचते हैं। बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो गई है। शेष 27 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। पीएमसीएच को 5400 बेड और आईजीआईएमएस को 3000 बेड का बनाया जा रहा है। संतोष झा- १७ जनवरी/२०२६/ईएमएस