राष्ट्रीय
17-Jan-2026
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:: 40 साल बाद जहरीले कचरे से मुक्त हुआ परिसर; मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिना मास्क किया मुआयना :: भोपाल (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का गहन निरीक्षण कर एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों से राजधानी के माथे पर कलंक बना जहरीला रासायनिक कचरा अब पूरी तरह निष्पादित किया जा चुका है। उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में अब इस स्वच्छ हो चुके परिसर का विकास किया जाएगा और यहाँ गैस त्रासदी के दिवंगतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक बनाया जाएगा। :: बिना मास्क के कोर एरिया में पहुंचे मुख्यमंत्री :: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने बिना किसी सेफ्टी मास्क के यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के कोर एरिया का बारीकी से मुआयना किया। यह इस बात का प्रतीक था कि वैज्ञानिक तरीकों से कचरे के निष्पादन के बाद अब यहाँ की वायु पूरी तरह स्वच्छ है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गैस राहत विभाग के अधिकारियों से स्मारक निर्माण की कार्ययोजना पर चर्चा की। :: पिछली सरकारों पर साधा निशाना :: मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 1984 की वह भीषण रात स्मृतियों से कभी नहीं मिट सकती। उन्होंने तत्कालीन सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि त्रासदी के बाद फैक्ट्री को लावारिस छोड़ दिया गया और जिम्मेदारों ने मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को भागने में मदद की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए जहरीले कचरे को बिना किसी पर्यावरण नुकसान के खत्म कर दुनिया को आधुनिक वैज्ञानिक प्रबंधन का संदेश दिया है। :: भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का बनेगा हिस्सा :: मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। भोपाल के आसपास के 6 जिले इस दायरे में आएंगे। इसी विजन के तहत यूनियन कार्बाइड परिसर की बाधाओं को दूर कर इसे शहर के नव-निर्माण से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास और स्मारक निर्माण की प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों और गैस पीड़ितों को विश्वास में लिया जाएगा। :: महिला के आग्रह पर रोका काफिला, मौके पर मंजूर की आर्थिक मदद :: निरीक्षण के बाद लौटते समय आरिफ नगर में एक महिला के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने अपना काफिला रुकवाया। उन्होंने मंदिर में पूजा की और स्थानीय महिलाओं से लाड़ली बहना योजना का हाल जाना। मौके पर ही उन्होंने दो जरूरतमंद महिलाओं, मंजू बाई और प्रभा बाई को बीमारी के उपचार हेतु मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिए गए कि सहायता राशि तत्काल बैंक खातों में पहुंचाई जाए। प्रकाश/17 जनवरी 2026