राष्ट्रीय
18-Jan-2026


जल्द होगी फाइनल डील, इंडोनेशिया सभी देशों से संतुलित रिश्ते चाहता है नई दिल्ली,(ईएमएस)। दक्षिण-पूर्व एशिया का बड़ा देश इंडोनेशिया रक्षा खरीद को लेकर चर्चा में है। भारत के साथ सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को लेकर चल रही अहम डील जहां अंतिम चरण में बताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान भी अपने जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान इंडोनेशिया को बेचने की कोशिश में जुटा है। इंडोनेशिया लगभग 450 मिलियन डॉलर की ब्रह्मोस डील को फाइनल करने के करीब है। भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से चला आ रहा है। समुद्री सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत बुनियाद रहे हैं। ब्रह्मोस मिसाइल की संभावित बिक्री इस साझेदारी को नई ऊंचाई दे सकती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही कह चुके हैं कि इंडोनेशिया ने ब्रह्मोस खरीदने में गहरी रुचि दिखाई है। हालांकि, इसमें रूस की हिस्सेदारी होने के कारण उसकी औपचारिक मंजूरी अभी बाकी है। इसी बीच पाकिस्तान-चीन की संयुक्त परियोजना जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट भी इंडोनेशिया के रडार पर है। पाकिस्तान इसे कम लागत वाला मल्टी-रोल विमान बताकर प्रचारित कर रहा है और रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडोनेशिया करीब 40 विमानों की खरीद पर विचार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंडोनेशिया किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय मल्टी-वेंडर रणनीति अपना रहा है, ताकि तकनीक, कीमत और कूटनीतिक संतुलन को साधा जा सके। इंडोनेशिया की विदेश नीति पारंपरिक रूप से गुटनिरपेक्ष रही है। वह अमेरिका, रूस, चीन, भारत और अन्य देशों के साथ संतुलित रिश्ते चाहता है। भारत से ब्रह्मोस जैसी उन्नत मिसाइल उसे समुद्री सुरक्षा में मजबूती देती है, जबकि जेएफ-17 जैसे विमान उसकी वायुसेना की संख्या बढ़ाने का अपेक्षाकृत सस्ता विकल्प हो सकते हैं। भारत के लिए ब्रह्मोस डील रणनीतिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम है। यह न केवल भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि उसे वैश्विक हथियार बाजार में एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में भी स्थापित करेगी। सिराज/ईएमएस 18जनवरी26 -----------------------------------