राष्ट्रीय
18-Jan-2026


मणिपुर हिंसा में दरिंदों ने अपहरण कर की थी हैवानियत, अब तक एक भी गिरफ्तार नहीं इंफाल,(ईएमएस)। मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक युवती तीन साल पहले अपहरण और गैंगरेप के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई थी। युवती की मां ने बताया कि वह गंभीर रूप से जख्मी थी। गंभीर चोटों के कारण उनकी बेटी को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। आखिरकार, 10 जनवरी को वह जिंदगी से जंग हार गई। युवती कुकी समुदाय से थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित ने 21 जुलाई, 2023 को एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि 15 मई, 2023 को काले रंग की टी-शर्ट पहने चार हथियारबंद लोग उसे सफेद बोलेरो में किडनैप कर पहाड़ी इलाके में ले गए। ड्राइवर को छोड़कर उनमें से तीन ने उसके साथ गैंगरेप किया था। 22 जुलाई, 2023 को पीड़ित का मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। हालांकि, इस अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित के लिए न्याय की मांग को लेकर 17 जनवरी को कुकी समुदाय के लोगों ने कैंडललाइट मार्च निकाला था। पीड़ित ने बताया था कि आरोपियों ने उसके साथ वह सभी घिनौनी हरकतें कीं, जो वे कर सकते थे। पूरी रात उसे कुछ भी खाने को नहीं दिया। पानी तक नहीं दिया। उसके आंखों पर पट्टी बंधी थी। सुबह शौचालय जाने के बहाने उसने आंखों पर बंधी पट्टी हटवाई और वहां से भाग निकली। एफआईआर के मुताबिक सुबह होते ही वह पहाड़ी इलाके से भागकर नीचे पहुंची। वहां सब्जियां ले जा रहे एक ऑटो-रिक्शा चालक ने उसकी मदद की। वह उसे बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन ले गया। वहां मैतेई पुलिसकर्मियों को देखकर उसने मदद लेने से इनकार कर दिया। पीड़ित की विनती पर रिक्शा चालक ने ही उसे इम्फाल के न्यू लम्बुलने इलाके में उसके घर छोड़ा। फिर उसे कांगपोकपी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में इलाज के लिए नगालैंड के कोहिमा के अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा में कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। मणिपुर के तत्कालीन सीएम एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। इसे फरवरी, 2026 तक बढ़ा दिया गया है। सिराज/ईएमएस 18जनवरी26