:: मांसपेशियों को काटे बिना होता है सफल प्रत्यारोपण; अब अस्पताल में नहीं बिताना होगा ज्यादा वक्त :: इंदौर (ईएमएस)। कूल्हे का पुराना दर्द और चलने-फिरने में लाचारी अब बीते कल की बात होने जा रही है। चिकित्सा विज्ञान की आधुनिक डीएए (डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच) तकनीक ने हिप रिप्लेसमेंट को न केवल सुरक्षित बनाया है, बल्कि रिकवरी की रफ्तार को भी कई गुना बढ़ा दिया है। इंदौर के केयर सीएचएल हॉस्पिटल के सुप्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विकास जैन के अनुसार, इस तकनीक से मरीज अब ऑपरेशन के चंद घंटों बाद ही अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। डॉ. विकास जैन ने बताया कि पारंपरिक हिप रिप्लेसमेंट में कूल्हे की मुख्य मांसपेशियों को काटना पड़ता था, जिससे रिकवरी में हफ्तों लग जाते थे। इसके विपरीत, डीएए तकनीक पूरी तरह मसल-प्रिजर्विंग है। इसमें जांघ के सामने से एक छोटा चीरा लगाया जाता है और मांसपेशियों को बिना काटे उनके बीच के प्राकृतिक गैप से जोड़ तक पहुँचा जाता है। इसका परिणाम यह होता है कि मरीज को दर्द कम होता है और वह मात्र 24 घंटे में चलना शुरू कर देता है। :: लंगड़ापन खत्म, सामान्य जीवन की वापसी :: अक्सर मरीजों को डर रहता है कि सर्जरी के बाद उनके चलने के तरीके में बदलाव आएगा। डॉ. जैन ने आश्वस्त किया कि इस तकनीक में डिजिटल सटीकता से दोनों पैरों की लंबाई बराबर रखी जाती है, जिससे लंगड़ापन आने की संभावना खत्म हो जाती है। डीएए तकनीक उन मरीजों के लिए वरदान है जो गंभीर गठिया या चोट के कारण अपनी गतिशीलता खो चुके थे। अब वे सर्जरी के बाद न केवल दौड़ सकते हैं, बल्कि जिम और योग जैसी गतिविधियां भी पहले की तरह कर सकते हैं। — डॉ. विकास जैन, ऑर्थोपेडिक सर्जन :: क्यों खास है डीएए तकनीक? :: सुपरफास्ट रिकवरी : ऑपरेशन के पहले ही दिन से चलना-फिरना संभव। न्यूनतम चीरा : छोटा घाव और संक्रमण का बेहद कम खतरा। नो रिस्ट्रिक्शन : जमीन पर बैठना और भारतीय शौचालय का उपयोग करना संभव। स्थायित्व : हिप डिसलोकेशन (जोड़ खिसकने) का जोखिम शून्य के बराबर। जल्द छुट्टी : अस्पताल में कम दिन रुकने से खर्च और समय दोनों की बचत। :: भविष्य की तकनीक अब इंदौर में :: डॉ. जैन के अनुसार, भारत में बढ़ती जागरूकता और केयर सीएचएल जैसे आधुनिक अस्पतालों में उपलब्ध तकनीक के कारण अब मरीजों को इलाज के लिए विदेश या बड़े महानगरों की ओर नहीं देखना पड़ रहा है। यह तकनीक विशेष रूप से सक्रिय जीवन जीने की इच्छा रखने वाले युवाओं और बुजुर्गों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है। प्रकाश/ 18 जनवरी 2026