राष्ट्रीय
18-Jan-2026
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-वायु प्रदूषण पर आधारित है रिपोर्ट नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश में बढ़ते प्रदूषण को लेकर वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट के बाद सियासत तेज हो गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर साल करीब 10 लाख लोगों की समय से पहले मौत हो रही है। साथ ही इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर कहा, कि आखिर मोदी सरकार कब तक सच्चाई से मुंह मोड़ती रहेगी। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड बैंक की यह रिपोर्ट ‘ए ब्रीथ ऑफ चेंज’ शीर्षक से जारी की गई है, जो इंडो-गैंगेटिक मैदानों और हिमालय की तलहटी में वायु प्रदूषण की स्थिति पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में हर साल लगभग 10 लाख लोगों की समय से पहले मौत हो रही है और क्षेत्रीय जीडीपी का करीब 10 प्रतिशत आर्थिक नुकसान हो रहा है। जयराम रमेश ने कहा कि यह रिपोर्ट व्यापक, तथ्यात्मक और सबूतों पर आधारित है। इसमें कोयला आधारित पावर प्लांट्स के उत्सर्जन मानदंडों को सख्ती से लागू करने और सबसे पुरानी व प्रदूषणकारी इकाइयों को तेजी से बंद करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा रिपोर्ट में शहर-केंद्रित योजनाओं से आगे बढ़कर कानूनी रूप से सशक्त एयरशेड-आधारित गवर्नेंस अपनाने पर जोर दिया गया है। कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि रिपोर्ट में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के विस्तार और इलेक्ट्रिफिकेशन, वाहन उत्सर्जन मानकों को सख्त करने और ईंधन गुणवत्ता में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में एक्यूआई से जुड़ा स्वास्थ्य संकट लगातार गहराता जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि वायु प्रदूषण (नियंत्रण और रोकथाम) अधिनियम, 1981 और नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (नाक्स), 2009 की समीक्षा की जाए, खासकर पीएम 2.5 पर फोकस के साथ। इसके साथ ही कांग्रेस ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के बजट और भौगोलिक दायरे को बड़े स्तर पर बढ़ाने, प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए पीएम 2.5 को मानक बनाने और बिना किसी छूट या ढील के वायु प्रदूषण से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। हिदायत/ईएमएस 18जनवरी26