रविवार के पातालेश्वर मंदिर के सामने हुए हिंदू सम्मेलन छिंदवाड़ा (ईएमएस)। पातालेश्वर मंदिर के सामने, महाकाल उपनगर का हिंदू सम्मेलन रविवार को आयोजित किया गया। इसमेें मुख्य वक्ता सुनील देव क्षेत्र सामाजिक समरसता प्रमुख, स्वामी वासुदेवानंद भारती, घोघरा आश्रम तथा संगीता बेंडे प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। शुभारंभ कलश यात्रा,भारत माता एवं गौ माता पूजन तथा भूमि पूजन के साथ प्रारंभ हुआ। वासुदेवानंद ने अपने उद्बोधन में हिंदू समाज द्वाराप्रकृति के पूजन और उसके महत्व को बताया। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए स्वामी वासुदेवानंद जी ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित होने की आवश्यकता है पूर्व में हम कश्मीर को जलता हुआ देख चुके हैं। पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की दयनीय स्थिति बनी हुई है। बांग्लादेश में भी हिंदुओं को जिंदा जलाए जाने की घटनाएं हो रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज सबको एक साथ लेकर चलने की बात कहता है कुंभ में करोड़ों लोग एक साथ गंगाजी में स्नान कर रहे थे तथा एक ही पंगत में सभी मिलकर भोजन कर रहे थे वहां हमने कोई भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारत में सनातन धर्म था है और हमेशा रहेगा। संगीता बेंडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में परिवर्तन माता बहनों से ही संभव है। शिवाजी को उनकी माता जीजाबाई द्वारा शिवाजी जी को शस्त्र चलाने में निपुण कर युद्ध कौशल सिखाए। हिंदू रीति रिवाज में सबसे छोटी इकाई परिवार ही है परंतु आज परिवार में बिखराव की स्थिति देखी जाती है। हमें संयुक्त परिवार के महत्व को समझना होगा। सुनील देव ने कहा कि हिंदू समाज इतिहास में हिंदुओं के साथ घटित घटनाओं से सीखना समझता नहीं है और अपने आप में बिखरता जा रहा है। इसलिए हिंदू को संगठित करने डॉक्टर साहब हेडगेवार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ के प्रयास से शताब्दी वर्ष में हिंदू समाज संगठित होता दिख रहा है लेकिन 0अभी और प्रयास करने की आवश्यकता है। केवल कहने से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यवहार में लाकर बताना होगा कि हम हिंदू हैं। समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। ईएमएस / 18/01/2026