गुरुवर के दर्शन करने देशभर से छिंदवाड़ा पहुंच रहे श्रद्धालु छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। वस्तु का स्वभाव ही धर्म है और धर्म के आलंबन से ही मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। हम विकारों में उलझे रहते हैं इसलिए हम धर्म मार्ग से भटक जाते है। प्रत्येक व्यक्ति का मन विकार का अनुभव करता है। ऐसा क्यों होता है?इसी को समझने की आवश्यकता है। विकार मोह की प्रवृत्ति के कारण आते हैं। यही वजह है कि हमें भगवान के दर्शन होते हैं उसके बाद भी मन संसार में भटकता है। इसलिए जब तक मोह की प्रवृत्ति केा हम नहीं त्यागेंगे हम विकारों से मुक्ति नहीं पा सकते। यह बात आचार्य समयसागर महाराज ने रविवार केा सुबह मंगलदेशना में कही। गोलगंज में सुबह विशेष सभा में आचार्यश्री को सुनने और उनके दर्शन करने के लिए देश भर से धर्मावलंबी छिंदवाड़ा पहुंचे। आचार्यश्री ने कहा कि प्रभु बनने के लिए प्रभु दर्शन करते है। उन्होंने कहा कि 8 साल के अंतर्मुहित होने के बाद सर्वांगीण चिंतन करने की क्षमता आ जाती है। अनंत काल बीत जाने के बाद भी भव को दुख ही प्राप्त हुआ है। न जाने किस पुण्य से मनुष्य भव मिला उसमें भी महादुर्लभ जैन कुल मिला तो भगवान की आराधना का 1 पल भी नहीं छोडऩा चाहिए ताकि आगामी भव कल्याणकारी हों सके। आचार्यश्री ने कहा कि पाप के माध्यम से पतन होता है,परोपकार के माध्यम से पुण्य होता है। इसलिए पाप से डरना चाहिए। रविवार को खातेगांव,नागपुर,वारासिवनी, रामटेक, जबलपुर आदि भिन्न शहरों से भरी संख्या के भक्तगण छिंदवाड़ा पहुंचे। सुबह की पूजन गोलपूरब पंचायत अनेकांत महिला मंडल एवं रामटेक प्रतिभास्थली की दीदी एवं बालिकाओं के द्वारा की गई। पाद प्रछालन का सौभाग्य प्रभात कुमार, अनुभव कुमार, अंगद गोयल परिवार और खातेगांव से पधारे भक्तों को मिला तो आहार चर्या चक्रेशजी, शांतिकुमार, अमूल, अरहन, अरणित जैन परिवार को ने कराई। आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से लखनजी भाई साहब ने गुरु वंदना कर आशीर्वाद लिया ईएमएस / 18/01/2026