राष्ट्रीय
19-Jan-2026
...


नई दिल्ली (ईएमएस)। स्वस्थ शरीर के लिए सेलेनियम की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। सेलेनियम प्राकृतिक रूप से मिट्टी, पानी और कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है और शरीर के भीतर यह सेलेनोप्रोटीन नामक तत्वों के निर्माण में मदद करता है। यह भले ही सूक्ष्म मात्रा में चाहिए, लेकिन इसकी कमी या अधिकता दोनों ही सेहत का संतुलन बिगाड़ सकती हैं। ये सेलेनोप्रोटीन कोशिकाओं को नुकसान से बचाने, डीएनए की रक्षा करने और कई जरूरी जैविक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी वजह से सेलेनियम को शरीर का ‘साइलेंट बॉडीगार्ड’ भी कहा जाता है, जो बिना किसी संकेत के लगातार सेहत की रखवाली करता रहता है। सेलेनियम का सबसे अहम प्रभाव थायराइड ग्रंथि पर पड़ता है। थायराइड में शरीर के अन्य अंगों की तुलना में सेलेनियम की मात्रा अधिक पाई जाती है। यह थायराइड हार्मोन को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर और वजन का संतुलन बना रहता है। अगर सेलेनियम की कमी हो जाए तो थायराइड से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं, जिसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है। इसके अलावा सेलेनियम एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी काम करता है। यह ‘ग्लूटाथियोन पेरोक्सीडेज’ नामक एंजाइम का हिस्सा होता है, जो शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स को निष्क्रिय करता है। इससे कैंसर, हृदय रोग और समय से पहले बुढ़ापे का खतरा कम करने में मदद मिलती है। इम्युनिटी के लिहाज से भी सेलेनियम बेहद जरूरी माना जाता है। यह प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है, जिससे शरीर वायरस और बैक्टीरिया से बेहतर ढंग से मुकाबला कर पाता है। कई शोधों में यह भी पाया गया है कि सेलेनियम दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। यह शरीर में सूजन को कम करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकने में मदद करता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम घट सकता है। पुरुषों में सेलेनियम शुक्राणुओं की गुणवत्ता और उनकी गतिशीलता को बेहतर बनाता है, इसलिए प्रजनन क्षमता के लिए भी इसे अहम पोषक तत्व माना जाता है। वहीं दिमाग के लिए इसका एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव याददाश्त को सुरक्षित रखने और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक माना जाता है। अगर शरीर में सेलेनियम की कमी हो जाए तो बार-बार संक्रमण, थकान, मांसपेशियों की कमजोरी, बालों का झड़ना, थायराइड असंतुलन और मानसिक थकावट जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। लंबे समय तक कमी बने रहने पर दिल की मांसपेशियों को नुकसान और इम्युनिटी में गंभीर गिरावट देखी जा सकती है। सेलेनियम ब्राजील नट्स, सूरजमुखी के बीज, गेहूं, ओट्स, मूंगफली, मशरूम, सोयाबीन, ब्राउन राइस और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों से आसानी से मिल सकता है। सुदामा/ईएमएस 19 जनवरी 2026