राज्य
20-Jan-2026
...


झाबुआ (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में सोमवार को मेले के दौरान हुए ड्रैगन झूला हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला मुख्यालय के हायर सेकेंड्री मैदान में आयोजित मेले में ड्रैगन झूला अचानक गिर गया, जिससे उसमें सवार 14 छात्र-छात्राएं घायल हो गए। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर नेहा मीना ने हादसे की जांच के लिए तीन अधिकारियों की एक मजिस्ट्रेट कमेटी गठित की है। यह समिति मंगलवार शाम तक अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपेगी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि झूले में तय क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था, जिसके कारण ओवरलोडिंग हुई और ड्रैगन झूला संतुलन खोकर गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि झूले में बैठने वाले सभी बच्चे विद्यार्थी थे और उन्हें निशुल्क झूला झुलाने की अनुमति दी गई थी, इसी वजह से संचालकों ने क्षमता का ध्यान नहीं रखा। हादसे के समय झूले में बैठे बच्चों के गिरते ही मेले में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों और मेला कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायल बच्चों को तुरंत झाबुआ जिला अस्पताल पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी बच्चे की जान नहीं गई और न ही किसी को गंभीर चोट आई है। सभी घायल बच्चों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर नेहा मीना जिला अस्पताल पहुंचीं और घायल छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को बच्चों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू कर दी। उधर, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कहना है कि मेले में लगाए गए झूलों का निरीक्षण कर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया गया था। इसके बावजूद हादसा होने से निरीक्षण प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मेला आयोजन समिति, झूला संचालकों और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने फिलहाल मेले में लगे अन्य झूलों की भी दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।