नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत ने बांग्लादेश में तैनात राजनयिकों को परिवार के साथ न भेजे जाने वाले ‘नॉन फैमिली’ स्थल के रूप में घोषित किया है। इसका मतलब है कि अब भारतीय अधिकारियों को अपने पति, पत्नी और बच्चों को बांग्लादेश में अपने साथ नहीं ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इससे पहले यह श्रेणी केवल इराक़, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान जैसे देशों पर लागू थी, लेकिन अब बांग्लादेश को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। यह फ़ैसला 1 जनवरी से लागू हो गया और अधिकारियों को सूचित किया गया कि उनके परिवार 8 जनवरी तक भारत लौटें। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों वाले अधिकारियों को सात दिन का अतिरिक्त समय दिया गया। परिणामस्वरूप, 15 जनवरी तक ढाका, चटगाँव, खुलना, सिलहट और राजशाही में स्थित भारतीय मिशनों में तैनात अधिकारियों के परिवारों को जल्दी लौटना पड़ा। विदेश मंत्रालय ने अभी तक सार्वजनिक घोषणा नहीं की है, लेकिन कई सूत्र इसकी पुष्टि कर चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बांग्लादेश में फ़रवरी में होने वाले आम चुनावों से पहले सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि उच्चायोग कर्मचारियों के परिवार सुरक्षित रहें। इस फैसले से बांग्लादेश में भारतीय मिशनों में कार्यरत अधिकारियों की पारिवारिक स्थिति प्रभावित होगी और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। आशीष दुबे / 20 जनवरी 2026