राष्ट्रीय
20-Jan-2026


भोपाल,(ईएमएस)। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के वर्ष 2000 में हुए बंटवारे के 25 साल बाद अब मध्यप्रदेश पर एक बड़ा वित्तीय बोझ पड़ने वाला है। छत्तीसगढ़ सरकार ने पेंशन वितरण में वर्षों से चली आ रही गंभीर गड़बड़ी पकड़ी है, जिसके चलते मध्यप्रदेश को करीब 10 हजार करोड़ रुपये की भरपाई करनी होगी। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने देनदारी को स्वीकार किया है, हालांकि कोशिश यह है कि इतनी बड़ी राशि एकमुश्त न देकर दो–तीन साल की किस्तों में चुकाई जाए। इसकी पहली किस्त का प्रावधान फरवरी 2026 में पेश होने वाले बजट में हो सकता है। दरअसल, मप्र–छग बंटवारे के समय यह शर्त तय हुई थी कि छत्तीसगढ़ पर आने वाले किसी भी वित्तीय भार में 26.63 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ और 73.37 प्रतिशत हिस्सा मध्यप्रदेश देगा। यह व्यवस्था पेंशन भुगतान पर भी लागू थी। यानी छत्तीसगढ़ में रहने वाले पेंशनधारकों को दी जाने वाली हर एक रुपये की पेंशन में 73.37 पैसे मध्यप्रदेश को देने थे। लेकिन पेंशन वितरण के दौरान इस अनुपात का वर्षों तक सही तरीके से पालन नहीं हुआ। लेकिन हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार पर खर्च का दबाव बढ़ने के बाद वित्त विभाग ने पुराने रिकॉर्ड की जांच शुरू की। छग सरकार की जांच में सामने आया कि पेंशन भुगतान में मध्यप्रदेश का हिस्सा नियमित रूप से नहीं मिल रहा था। बैंक पेंशन का भुगतान कर रहे थे और अकाउंटेंट जनरल की रिपोर्ट के आधार पर आरबीआई से राशि बैंकों के खातों में ट्रांसफर हो रही थी, लेकिन अंतर-राज्यीय हिस्सेदारी का सही समायोजन नहीं हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बीते करीब 10 वर्षों की देनदारी का आकलन किया गया और दिसंबर 2025 में मध्यप्रदेश सरकार को औपचारिक डिमांड भेजी गई। इसके बाद मध्यप्रदेश के वित्त विभाग ने जब इसकी जांच की, तब डिमांड को सही पाया गया। अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी राशि का भुगतान कैसे जाए, क्योंकि चालू वित्त वर्ष में ही मध्यप्रदेश की वित्तीय स्थिति घाटे की ओर बढ़ रही है। इधर, एक नई परेशानी महंगाई राहत (डीआर) को लेकर भी खड़ी हो गई है। छत्तीसगढ़ ने हाल ही में पेंशनर्स की डीआर 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दी है और इसकी सूचना सहमति के लिए मध्यप्रदेश को भेजी है। यदि मध्यप्रदेश इस पर सहमत होता है, तब मध्यप्रदेश को अपने पेंशनर्स के लिए भी डीआर में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करनी पड़ेगी, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है। आशीष दुबे / 20 जनवरी 2026