राष्ट्रीय
20-Jan-2026


आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज का आरोप नई दिल्ली (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने प्रशासनिक लापरवाही और रेस्क्यू सिस्टम की कमियों का खुलासा कर दिया है। 16-17 जनवरी की रात घने कोहरे के बीच युवराज की कार एक निर्माणाधीन स्थल पर पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। आरोप है कि मौके पर प्रशासन और रेस्क्यू टीम की मौजूदगी के बावजूद समय रहते युवराज को नहीं बचाया गया। हादसे के बाद यूपी सरकार ने कार्रवाई करते हुए नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को निलंबित किया, लेकिन इस कदम पर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े कर दिए है। आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने योगी सरकार की कार्रवाई को मात्र औपचारिक बताया। उन्होंने लिखा कि आईएएस अधिकारियों का हर कुछ साल में ट्रांसफर होना कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो सकती। आप नेता भारद्वाज ने नोएडा की डीएम मेधा रूपम पर सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय करने की मांग कर आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। आप नेता ने कहा, नोएडा की डीएम रूपम ही असल में एसडीआरएफ और रेस्क्यू ऑपरेशन की जिम्मेदार हैं, लेकिन उन्हें बचाया जा रहा है। क्योंकि वे ईसीआई ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं। इंजीनियर के साथ हुई घटना का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 19 जनवरी को नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया गया। योगी सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया है, जो पांच दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इनके अलावा एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त किया गया है और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़े अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। आशीष दुबे / 20 जनवरी 2026