गांधीनगर (ईएमएस)। गुजरात तट से सटे अरब सागर में एक असामान्य समुद्री हलचल देखी गई, जिसने मछुआरों और प्रशासन दोनों को चौंका दिया। पालघर जिले के मछुआरों ने कुछ वीडियो प्रशासन को सौंपे, जिसमें समुद्र का पानी उबलते हुए और बुलबुले निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पानी की सतह पर सफेद झाग और बड़े बुलबुले उठ रहे थे, जिससे ऐसा प्रतीत होता था मानो समुद्र ‘उबल’ रहा हो। पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने कहा कि यह घटना अत्यंत असामान्य है और इसके पीछे गहन जांच की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र समुद्री परिवहन मार्गों और मछली पकड़ने के प्रमुख इलाकों के पास है, इसलिए क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन ने इलाके में गुजरने वाले जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को अधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने हलचल के संभावित कारणों के लिए तीन मुख्य कारण बताए है। पहला, गैस रिसाव, समुद्र के नीचे प्राकृतिक गैस का रिसाव पानी में बुलबुले पैदा कर सकता है। दूसरा, पाइपलाइन में खराबी, इस क्षेत्र में तेल और गैस कंपनियों (जैसे ओएनजीसी) की कई अंडरवाटर पाइपलाइनें हैं, जिसमें दरार आने से दबाव उत्पन्न हो सकता है। तीसरा, भू-वैज्ञानिक गतिविधियां, समुद्र तल पर हलचल, छोटे भूकंप या ज्वालामुखीय गतिविधियों के कारण पानी का तापमान और दबाव बदल सकता है। विशेषज्ञों ने इस घटना को लेकर चार प्रमुख खतरे भी बताए हैं। सबसे बड़ी चिंता सबमरीन गैस लीक की है, जो आग या विस्फोट का कारण बन सकती है। दूसरा, समुद्र तल पर जमा मीथेन क्लाथ्रेट्स का अचानक उत्सर्जन, जिससे पानी उबलता प्रतीत हो सकता है। तीसरा, ज्वालामुखी या विवर्तनिक गतिविधियां, जो समुद्री प्लेटों में दरारों या हलचल का संकेत देती हैं। चौथा, औद्योगिक अपशिष्ट का रिसाव, हालांकि बुलबुलों की तीव्रता इसे कम संभावित बनाती है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और तटरक्षक बल जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक बदलावों का नतीजा है या किसी औद्योगिक गतिविधि से संबंधित है। प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और समुद्र में गुजरने वाले सभी जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को इस हॉटस्पॉट से दूर रहने का निर्देश दिया है। आशीष दुबे / 20 जनवरी 2026