राज्य
21-Jan-2026
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दुर्ग(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के प्रतिष्ठित कल्याण लॉ कॉलेज को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा भेजे गए नोटिस के मामले में कॉलेज प्रबंधन ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। नोटिस के जवाब में कॉलेज की प्रिंसिपल सुशीला यादव दिल्ली पहुंचीं, जहां उन्होंने BCI के समक्ष सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर स्थिति स्पष्ट की। दरअसल, BCI ने कॉलेज को नोटिस जारी कर आरोप लगाया था कि छात्रों से BCI के नाम पर वसूले गए 1600 रुपये जमा नहीं किए गए हैं और कॉलेज ने BCI से मान्यता नहीं ली है। इसी आधार पर BCI ने वर्ष 2011 से 2025 तक के सभी छात्रों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की चेतावनी दी थी। कॉलेज प्रबंधन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वर्ष 2011 से 2025 तक की कुल राशि 42 लाख 60 हजार रुपये वर्ष 2023 में ही BCI को जमा कर दी गई थी। इसके साथ ही 2026 से 2029 तक की फीस जमा करने को लेकर भी कॉलेज प्रबंधन आवश्यक तैयारी कर रहा था। प्रबंधन का आरोप है कि BCI ने वर्ष 2023 में जमा की गई राशि और कॉलेज की मान्यता से जुड़ी जानकारी अपने सॉफ्टवेयर सिस्टम में अपडेट नहीं की, जिसके चलते यह विवाद सामने आया। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि यह मामला BCI की प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा है, न कि संस्थान की किसी गलती से। नोटिस जारी होने के बाद कॉलेज से पढ़कर निकले वकीलों और न्यायाधीशों में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि इस नोटिस से कॉलेज की वर्षों पुरानी साख को नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि कल्याण लॉ कॉलेज की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी। वर्तमान में कॉलेज में एलएलबी की 150 सीटें और एलएलएम की 19 सीटें संचालित हैं। यहां से पढ़े कई छात्र आज न्यायपालिका और वकालत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।कॉलेज की प्रिंसिपल सुशीला यादव ने बताया कि BCI के समक्ष सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए गए हैं और जल्द ही वह भिलाई पहुंचकर मीडिया के सामने पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)21 जनवरी 2026