21-Jan-2026
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देहरादून,(ईएमएस)। देहरादून से करीब 50 किलोमीटर दूर बाड़वाला स्थित जगतग्राम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। दरअसल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यहां लगभग सात दशक बाद अश्वमेध यज्ञ से जुड़ी चौथी यज्ञशाला (वेदिका) की खोज के लिए उत्खनन कार्य शुरू किया है। इससे पहले 1952 से 1954 के बीच हुई खुदाई में तीन यज्ञशालाएं मिल चुकी थीं। अब एक दिसंबर से फिर से खुदाई शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य तीसरी शताब्दी ईस्वी के अश्वमेध यज्ञ से जुड़ी चौथी वेदिका को तलाशना है। आर्कियोलॉजिस्ट विपुल मिश्रा के अनुसार, अब तक 10 से 14 फीट की गहराई तक खुदाई की जा चुकी है। इस दौरान प्राचीन ईंटें, मृदभांड (पॉट शेल्स) और घड़े मिले हैं। मिली ईंटों का आकार और बनावट पहले की खुदाई में मिली ईंटों से मेल खाती है, जिससे इनके उसी काल से जुड़े होने के संकेत मिलते हैं। खुदाई में यदि विशेष अवशेष या हड्डियां मिलती हैं, तो उनकी पहचान के लिए कार्बन डेटिंग कराई जाएगी। फिलहाल, यह उत्खनन उत्तर भारत के प्राचीन इतिहास को समझने में अहम माना जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 21जनवरी26