राज्य
21-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाई कोर्ट में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के विरोध में एक याचिका दायर हुई है। याचिकाकर्ता बांग्लादेश को क्रिकेट प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित करने की मांग कर रही है। दिल्ली हाई कोर्ट में बांग्लादेश को क्रिकेट प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा का हवाला देते हुए कहा गया है कि जब तक वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले नहीं रुकते, तब तक बांग्लादेश को किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दिल्ली हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका देवयानी सिंह द्वारा दाखिल की गई है। मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच में 21 जनवरी को की जाएगी। याचिका में विशेष रूप से मांग की गई है कि बांग्लादेश की क्रिकेट टीम को अगले महीने शुरू होने वाले आईसीसी पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप में भाग लेने से रोका जाए। यह वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया जाना है। याचिकाकर्ता का कहना है कि खेल को मानवीय मूल्यों से अलग नहीं किया जा सकता और जब किसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय पर लगातार हिंसा हो रही हो, तो उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व का अवसर नहीं मिलना चाहिए। इस याचिका में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड , अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि इन संस्थाओं की भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे मानवाधिकारों के उल्लंघन पर आंखें मूंदकर न बैठें। गौरतलब है कि बांग्लादेश की कुल आबादी में हिंदुओं की संख्या लगभग 8 प्रतिशत है। बीते कुछ महीनों में वहां हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। दिसंबर 2025 में एक हिंदू व्यक्ति की कथित रूप से भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/21/ जनवरी /2026