क्षेत्रीय
21-Jan-2026
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दंतेवाड़ा (ईएमएस)। गीदम वेयरहाउस में चावल सड़ने की वजह से अब जिले में चावल का बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है। गीदम वेयरहाउस में 30 हजार क्विंटल चावल वितरण को लेकर कोई फैसला नहीं आया है। इधर जिले में अब स्थित खराब हो रही है। कुआकोंडा वेयरहाउस में तो मात्र 30 क्विंटल चावल बचा हुआ है। यह एक उचित मूल्य दुकान के लिए भी पर्याप्त नहीं है। कुआकोंडा को हर महीने 30 हजार क्विंटल की जरूरत पड़ती है, कुआकोंडा से सुकमा जिले के जगरगुंडा, कोंडासवली दुकानों को भी हर महीने राशन भेजा जाता है। कुआकोंडा में 49 दुकानों के लिए भंडारण होता है, पिछले 10 साल की बात की जाए तो ऐसा चावल का संकट कभी नहीं आया था। दंतेवाड़ा वेयरहाउस में भी स्थिति खराब है, यहां से 73 दुकानों को चावल सप्लाई की जाती है। खाद्य विभाग के मुताबिक यहां 10 हजार क्विंटल चावल स्टाक में है जो पर्याप्त नहीं है, यहां से गीदम भी चावल भेजना पड़ रहा है वहां के गोदाम में चावल सड़ने के बाद जिले को हर महीने 90 हजार से 1 लाख क्विंटल तक चावल की जरूरत पड़ती है, हफ्ते भर में अगर चावल का स्टाक नहीं हो पाया तो फरवरी का राशन हितग्राहियों को फिर से देरी से मिलेगा। जिले में अभी तक कई पीडीएस दुकानों में जनवरी का राशन हितग्राहियों को नहीं मिल पाया है। जिले के पांच राइस मिलरों के द्वारा धान का उठाव किया गया है, जिसमें 6 हजार 780 क्विंटल राधे एग्रो, चितालुर में संचालित अन्नपूर्णा मिल के द्वारा 7 हजार 320 क्विंटल, आरएएस के द्वारा 6 हजार 370, अनिशा 22 हजार 760 और 9 हजार 680 क्विंटल रिजवी राइस मिल के द्वारा जिले में अब तक धान का उठाव किया गया है। पर इन राइस मिलों ने जितना धान उठाया उसका चावल अभी वेयरहाउस में जमा नहीं हुआ है, यह चावल जमा हो जाए तो दंतेवाड़ा में फरवरी के चावल की किल्लत ख़त्म हो जाएगी और बाहर से चावल नहीं मंगवाना पड़ेगा। सुधीर जैन/चंद्राकर/21 जनवरी 2026