- फर्जी मार्कशीट और शैक्षणिक दस्तावेजों का हुआ इस्तेमाल - फाइलें, कंप्यूटर रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात खंगाले जा रहे भोपाल (ईएमएस)। राजधानी भोपाल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राजस्थान स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी पर एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी। मार्कशीट फर्जीवाड़े के गंभीर आरोपों की जांच में एसटीएफ की तीन अलग-अलग टीमें भोपाल पहुंचीं और गांधी नगर स्थित आरकेडीएफ कैंपस, कोलार ब्रांच तथा यूनिवर्सिटी के संचालक सुनील कपूर के निवास पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, छापे की कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई। गांधी नगर स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस में एसटीएफ टीम के पहुंचते ही मुख्य गेट बंद कर दिया गया। कैंपस के भीतर मौजूद स्टाफ और कर्मचारियों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि छात्रों की एंट्री पर भी तत्काल रोक लगा दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से यूनिवर्सिटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि राजस्थान में दर्ज एक प्रकरण में आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी से जारी कथित फर्जी मार्कशीट और शैक्षणिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। इसी कड़ी में एसटीएफ की टीमें भोपाल पहुंचीं और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। यूनिवर्सिटी कार्यालयों से फाइलें, कंप्यूटर रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात खंगाले जा रहे हैं। इसी दौरान एसटीएफ की एक टीम सीधे यूनिवर्सिटी संचालक सुनील कपूर के घर भी पहुंची। वहां भी पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। फिलहाल एसटीएफ अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक बयान देने की बात कह रहे हैं। हालांकि, इस छापेमारी ने निजी विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली और फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के नेटवर्क पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस कार्रवाई का असर न सिर्फ आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी ही नहीं बल्कि अन्य निजी शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ सकता है।