० शहरी आपदा प्रबंधन में प्रतिरोधक क्षमता पर राजधानी में 2 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ ० त्वरित निर्णय और ईमानदार कार्य जरूरी – सुनील सोनी ० शहर में आपदा प्रबंधन की ठोस तैयारी जरूरी – पुरंदर मिश्रा रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा छत्तीसगढ़ राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से रायपुर नगर पालिक निगम के तत्वावधान में “शहरी आपदा प्रबंधन में प्रतिरोधक क्षमता” विषय पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ आज स्थानीय पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव बसवराजू एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अरविंद एक्का, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप तथा यूएनडीआरआर प्रमुख संजय भाटिया की उपस्थिति में किया गया। रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि शहर में आपदा प्रबंधन की पुख्ता तैयारी आवश्यक है। निचली बस्तियों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था तथा तालाबों के ओवरफ्लो को रोकने के लिए प्रभावी सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यशाला से सार्थक योजना एवं रणनीति बनने की उम्मीद जताई। रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने कहा कि राज्य शासन में आपदा प्रबंधन हेतु संसाधनों की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों एवं अभियंताओं को गंभीरता और ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम विकसित कर ओपन ड्रेनेज की समस्या के समाधान पर विशेष चर्चा होनी चाहिए। रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि भारी बारिश के दौरान शहर में आपदा जैसी स्थिति निर्मित होती है। इसके लिए पहले से ही सुनियोजित तैयारी और आपदा की स्थिति में त्वरित कार्यवाही की व्यवस्था आवश्यक है। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन राज्य के सशक्तिकरण से जुड़ा विषय है। अधिकारियों को कार्यशाला के सभी सत्रों में गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त कर भविष्य की आपदाओं के लिए ठोस योजनाएं बनानी चाहिए। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यशाला खारून नदी में नालों का गंदा पानी जाने से रोकने, तालाबों के ओवरफ्लो को नियंत्रित करने तथा शहर में जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में उपयोगी सिद्ध होगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास सचिव बसवराजू एस. ने कहा कि सुव्यवस्थित आपदा प्रबंधन के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से शहरहित के कार्यों को प्राथमिकता देने और विशेषज्ञों से आपदा प्रबंधन के गुर सीखने का आग्रह किया। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि कार्यशाला में सिद्धांत के साथ व्यवहारिक पहलुओं पर भी चर्चा होनी चाहिए। दुर्घटनाओं को आपदा बनने से रोकने और बहुमंजिली इमारतों व भविष्य की चुनौतियों जैसे ई-वेस्ट प्रबंधन पर रणनीति तैयार की जानी चाहिए। उद्घाटन सत्र में एनडीएमए सदस्य कृष्णा वत्स ने ऑनलाइन प्रस्तुति दी। केपीएनजी के प्रबल भारद्वाज ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यशाला में बीएमसी आपदा प्रबंधन प्रमुख महेश नार्वेकर, आईआईएसएम के सीईओ संतोष कुमार, एडीपीसी के किलियन मूर्फी, टीईआरआई के शरीयन पंडित सहित अनेक विषय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/21 जनवरी 2026