तीन ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट एवं एक कंसलटेंट पर कार्यवाही के निर्देश भोपाल(ईएमएस)। लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग औचक निरीक्षण की कार्यवाही प्रारंभ की गई है।इसी क्रम में प्रदेश के विदिशा, मण्डला, भिंड, खरगोन, सतना, मंदसौर एवं दमोह जिलों में व्यापक औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत मुख्य अभियंताओं के सात दल गठित कर रेंडम आधार पर कुल 35 निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया गया, जिनमें 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल), 5 कार्य पीआईयू (भवन), 4 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, 2 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम तथा 3 कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित रहे। निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम भरत यादव , की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई, जिसमें प्रमुख अभियंता के.पी.एस. राणा सहित समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान खराब गुणवत्ता वाले कार्यों पर सख्त रुख अपनाते हुए दमोह जिले में लोक निर्माण विभाग (भवन) के सरकारी मॉडल एच.एस.एस. पटेरा भवन की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मेसर्स त्रिशूल कंस्ट्रक्शन भोपाल को कालीसूची में डालने के निर्देश दिए गए, वहीं मंदसौर जिले में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के धुन्धरका-कंपोजिट तहसील कार्यालय भवन निर्माण कार्य में गंभीर खामियों के चलते ठेकेदार मेसर्स रामचन्द्र छोटेलाल एंड कंपनी को कालीसूची में डालने तथा कंसल्टेंट आईक्यूटी प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम (हरियाणा) के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश जारी किए गए। इसी प्रकार मंदसौर–प्रतापगढ़ सड़क (पीजी अंतर्गत) की खराब स्थिति पर ठेकेदार मेसर्स शुक्ला ग्लोबल डेवलपर्स (इंडिया) प्रा. लि. भोपाल को कालीसूची में डालने के निर्देश दिए गए, जबकि अन्य 18 कार्यों में आंशिक सुधार कर शीघ्र गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। इसके साथ ही दमोह जिले में लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल) के अंतर्गत तारादेही–पोंडी–चांदना मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार की प्रशंसा की गई। समीक्षा बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि निरीक्षण प्रतिवेदनों में की गई सभी अनुशंसाओं का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए, सी.एम. हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का संतोषजनक निराकरण कर शिकायतकर्ताओं को अवगत कराया जाए तथा रैंकिंग में निरंतर सुधार के प्रयास किए जाएं। साथ ही लोक कल्याण सरोवर निर्माण में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य पूर्ण होने पर उन्हें संबंधित प्रशासन को हस्तांतरित करने, लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का चार दिवस की समय-सीमा में निराकरण करने, सड़क मरम्मत के साथ सड़क सुरक्षा, जंगल सफाई, रोड मार्किंग, पेंटिंग एवं ब्लैकस्पॉट के अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन सुधार कार्य समय पर पूर्ण करने तथा सड़कों एवं पुलियों के आवश्यक संधारण कार्य शीघ्र पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए, जिससे प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। हरि प्रसाद पाल / 21 जनवरी, 2026